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Bihar Transport: परिवहन विभाग पर बड़ा सवाल...फाइल डंप कर आरोपी एमवीआई को बचाने की है चाल ? एक आरोपी को बचाने को 'करप्शन' केस का दूसरा आरोपी मैदान में..सदन में भी उठेगा मामला

Bihar Transport: जिलाधिकारी ने छापेमारी कराई, डीटीओ ने केस दर्ज कराया, पर आरोपी अधिकारी के खिलाफ परिवहन विभाग ने एक्शन नहीं लिया.सवालों के घेरे में सुशासन राज का यह डिपार्टमेंट...

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Viveka Nand
7 मिनट

Bihar Transport: जिलाधिकारी ने छापेमारी कर खेल का खुलासा किया. जिला परिवहन पदाधिकारी ने दलालों व मोटरयान निरीक्षक के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज किया. परिवहन के एमवीआई के दो खास लोगों को गिरप्तार कर जेल भेजा गया.दलालों के पास से सरकारी मोबाइल जब्त किया गया. इसके बाद भी परिवहन विभाग ने आरोपी मोटरयान निरीक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं की. बताया जाता है कि आरोपी मोटरयान निरीक्षक को बचाने की पूरी कोशिश जारी है.

एक आरोपी को बचाने को भ्रष्टाचार केस का दूसरा आरोपी मैदान में..विधानसभा में भी उठेगा मामला

30 जनवरी 2025 को बेतिया के जिलाधिकारी ने मोटरयान निरीक्षक के खेल का खुलासा किया था. बेतिया के डीटीओ ने दलाल से लेकर एमवीआई के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया, महीना भर से अधिक बीत गया, आज तक आरोपी मोटरयान निरीक्षक अनूप कुमार सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है. विभागीय सूत्र बताते हैं कि इतनी बड़ी गड़बड़ी के आरोपी मोटरयान निरीक्षक को बचाने को लेकर गैंग सक्रिय हो गया है. पूरी कोशिश है कि आरोपी मोटरयान निरीक्षक को बचा लिया जाय. इसके लिए फाइल को ही दबाया जा रहा है. ताकि आरोपी बच निकले, किसी तरह की कोई कार्रवाई न हो. सूत्रों का कहना है कि आरोपी एमवीआई अनूप कुमार सिंह को किसी भी कीमत पर बचाने की रणनीति है. विभाग के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि आरोपी के पक्ष में ''भ्रष्टाचार कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी, जिन्होंने सेटिंग की बदौलत दो-दो जिलों में पोस्टिंग लेकर बैठे हैं,'' वे खूब पसीना बहा रहे. जिला से लेकर परिवहन मुख्यालय तक फाईल को दबाने की कोशिश की जा रही है. वैसे, मामला गंभीर है. अगर विभाग के स्तर से कार्रवाई नहीं हुई तो विधानसभा के इसी सत्र में यह मुद्दा उठ सकता है. 

परिवहन विभाग के आलाधिकारियों का क्या है स्टैंड ? 

इस संबंध में हमने परिवहन विभाग के कमिश्नर से भी बात करने की कोशिश की. बेतिया के मोटरयान निरीक्षक अनूप कुमार के खिलाफ दर्ज केस से जुड़े सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. 1st Bihar ने विभाग के सचिव से भी पक्ष जानने की कोशिश की. उन्होंने भी इस मुद्दे पर बोलना मुनासिब नहीं समझा. ऐसे में समझा जा सकता है कि किस तरह का खेल चल रहा है. 

परिवहन विभाग कब करेगा कार्रवाई ? 

बेतिया के मोटरयान निरीक्षक अनूप कुमार सिंह गाड़ियों के फिटनेस जांच का काम भाड़े पर आदमी रखकर कराते हैं. एमवीआई अपना सरकारी मोबाइल तक भाड़े के आदमियों के जिम्मे सौंप रखा था. पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय ने जब छापेमारी की तो इस खेल का खुलासा हुआ. बेतिया के प्रभारी जिला परिवहन पदाधिकारी रहे अरूण प्रकाश ने 30 जनवरी 2025 को बजाप्ता बेतिया के मुफस्सिल थाने में मुकदमा सं-58/25 दर्ज कराया,जिसमें मोटरयान निरीक्षक अनूप कुमार सिंह व अन्य को आरोपी बनाए गए। इतने बड़े खेल का खुलासा होने के बाद भी आरोपी एमवीआई अनूप कुमार सिंह के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है.

कहां हैं आरोपी एमवीआई अनूप कुमार सिंह,किसी को पता नहीं 

हमने  प्रभारी जिला परिवहन पदाधिकारी रहे अरूण प्रकाश से भी पूछा था. उन्होंने कहा कि अब बेतिया में नए डीटीओ आ गए हैं. लेकिन केस दर्ज किए जाने के बाद हमने जिलाधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेज दिया था. नए डीटीओ से बात कीजिए. हमने बेतिया के वर्तमान डीटीओ से बात की. उन्होंने कहा कि वे हाल में ही जिला परिवहन पदाधिकारी बेतिया के पद पर ज्वाइन किए हैं. इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं. जानकारी लेकर बताउंगा. इधर, आरोपी एमवीआई दो-दो जिला बेतिया और गोपालंगज के प्रभार में हैं. दोनों जिलों के लिए अलॉट किए गए सरकारी नंबर का फोन रिसीव नहीं कर रहे. वे कहां हैं किसी को पता नहीं. 

जानें पूरा मामला.....

पश्चिम चंपारण( बेतिया) के जिला परिवहन पदाधिकारी रहे अरुण प्रकाश ने 30 जनवरी को मुफस्सिल थाने में जो प्राथमिक की दर्ज कराई थी, उसमें मोटरयान निरीक्षक की पूरी पोल-पट्टी खुल गई है. डीटीओ की तरफ से दर्ज कराए गए केस में कहा गया है कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से फिटनेस जांच के लिए अवैध रुपया वसूलने की शिकायत मिल रही थी. इस आलोक में 30 जनवरी 3:30 बजे बेतिया के आईटीआई फील्ड का निरीक्षण किया. जिसमें गाड़ियों का फिटनेस, ट्रांसफर व अन्य कार्यों के लिए 9 लोग उपस्थित थे. फील्ड में संतोष कुमार दास, मोटर या निरीक्षक बेतिया उपस्थित थे.इनके द्वारा वाहनों के ट्रांसफर के लिए नियमित जांच की जा रही थी. फील्ड में डीटीओ कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर हैदर अंसारी मिले. उनसे पूछताछ की गई तो बताया की मोटर यान निरीक्षक अनूप कुमार सिंह के साथ वाहनों के फिटनेस जांच के लिए फोटो खींचने आए हैं. जांच के दौरान फिटनेस जांच के लिए प्राधिकृत मोटर यान निरीक्षक (mvi) अनूप कुमार सिंह अनुपस्थित पाए गए. उनको देखते ही 5-6 की संख्या में लोग कागज लेकर भागने लगे. दो व्यक्तियों को पीछा करके पकड़ा गया. जिसमें एक राजीव कुमार और दूसरे राजू सिंह था. अन्य लोग संभतः पैसा और कागज लेकर भागे हैं. पकड़े गए लोगों के पास से परिवहन विभाग से संबंधित विभिन्न प्रकार के कागजात, राजीव कुमार के पास से चार मोबाइल मिला है .गाड़ियों को भी जब्त किया गया.

बेतिया डीटीओ ने थाने में दिए आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि फील्ड में मौजूद दूसरे मोटर यान निरीक्षक संतोष कुमार दास एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर हैदर अंसारी ने पकड़े गए दोनों दलालों को अनूप कुमार सिंह, मोटर यान निरीक्षक के साथ बराबर देखे जाने की पुष्टि की है. जिला परिवहन पदाधिकारी अरुण प्रकाश ने जो केस दर्ज कराया है, उसमें कहा है कि पकड़े गए दोनों शख्स की गाड़ी से परिवहन विभाग के कागजात पाया जाना संदेहास्पद है. स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि अवैध राशि की उगाही में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. फिटनेस जांच के लिए प्राधिकृत अनूप कुमार सिंह मोटर यान निरीक्षक जांच स्थल से अनुपस्थित रहे, यह गंभीर मामला है. डीटीओ के आवेदन के बाद बेतिया के मुफस्सिल थाने की पुलिस ने केस सं-58-25 दर्ज किया, जिसमें अनूप कुमार सिंह को चौथे नंबर पर आरोपी बनाया है.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

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