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पारस HMRI ने हासिल की एक और उपलब्धि, डॉ. वारसी ने सर्जरी कर जोड़ी युवक की कटी हुई हथेली

PATNA : पारस HMRI मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, राजा बाजार ने अपने नाम एक और उपलब्धि कर ली है. पारस अस्पताल में पटना सिटी के एक 20 वर्षीय युवक के पूरे तरह से कटी हुई हथेली को जोड़क

पारस HMRI ने हासिल की एक और उपलब्धि, डॉ. वारसी ने सर्जरी कर जोड़ी युवक की कटी हुई हथेली
First Bihar
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PATNA : पारस HMRI मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, राजा बाजार ने अपने नाम एक और उपलब्धि कर ली है. पारस अस्पताल में पटना सिटी के एक 20 वर्षीय युवक के पूरे तरह से कटी हुई हथेली को जोड़कर उसे राहत दिलाई गई है.  बिहार के इतिहास में संभवतः यह पहली ऐसी सर्जरी है जिसमें पूरी तरह से कटे हुए डॉक्टरों ने जोड़ दिया है. 


अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी तथा कॉस्मेटिक सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. शब्बीर अहमद वारसी ने दस घंटे की सर्जरी के बाद युवक की हथेली को जोड़ दिया है. इस ऑपरेशन में उनके सहयोगी डॉ. प्रकश कुमार तथा एनेस्थेसिया डॉ. श्री नारायण, नर्सिंग स्टाफ रॉबिन, सिस्टर मनु एवं सिस्टर विमला ने भी उनका काफी सहयोग किया. बताया जा रहा है कि युवक के दाहिने हाथ की सभी उंगलियां सहित आधी हथेली मशीन से काटकर अलग हो गई थी जिसे सर्जरी के बाद जोड़ दिया गया है. 


डॉ. वारसी ने बताया कि इस तरह की जटिल सर्जरी केवल वैसे ही अस्पताल में की जा सकती है जहां हर तरीके की मशीनें, उपकरण, सुविधाएं तथा विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद हों और पारस अस्पताल में वो सभी सुविधाएं मौजूद होने के कारण ये सर्जरी सफलता पूर्वक पूरी हो सकी. बाद में डॉ. वारसी ने ऑपरेशन की बारीकियों को भी बताया. 


पारस अस्पताल के रीजनल डायरेक्टर डॉ. तलत हलिम ने बताया कि बिहार के लोगों को सभी तरह की उच्चतम सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए यहां की मेडिकल टीम तत्पर है और परस अस्पताल बिहार का पहला अस्पताल है जिसे एनबीएच की मान्यता प्राप्त है. साथ ही पारस अस्पताल में बोन-मेरो ट्रांस्पलांट और किडनी ट्रांसप्लांट तैयार की गई है ताकि यहां के लोगों को बेहतर इलाज मिल सके और उन्हें बेहतर इलाज की तालाश में बिहार से बाहर न भटकना पड़े. 


डॉ. तलत हलिम ने कहा कि आने वाले दिनों में अस्पताल और भी कई सुविधाओं से लैस हो जाएगा ताकि यहां लोगों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल जाए. 


रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

ASMEET SINHA

FirstBihar संवाददाता