पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अपने सार्वजनिक जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव की शुरुआत आस्था के साथ की। विधानसभा की कार्यवाही में पहली बार बतौर मंत्री शामिल होने से पहले निशांत कुमार पटना स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। हालांकि आज निशांत कुमार का जन्मदिन भी है ऐसे में उन्होंने इस मौके पर और ख़ास बनाया है।
इस दौरान उनके साथ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। पिता-पुत्र ने एक साथ मंदिर में दर्शन किए और भगवान हनुमान का आशीर्वाद लिया। महावीर मंदिर में पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ भी मौजूद रही। मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूजा-अर्चना के बाद दोनों ने मंदिर से निकलकर विधानसभा के लिए प्रस्थान किया।
निशांत कुमार के लिए यह दिन कई मायनों में खास माना जा रहा है। हाल ही में वे बिहार विधान परिषद के सदस्य बने हैं और इसके बाद उन्हें राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला विधानसभा मानसून सत्र है, जिसमें वे बतौर मंत्री सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे। ऐसे में सत्र शुरू होने से पहले महावीर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करना उनके लिए एक शुभ शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर मंदिर जाकर आशीर्वाद लेने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। कई नेता किसी नए दायित्व की शुरुआत से पहले धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। निशांत कुमार ने भी इसी परंपरा का पालन करते हुए अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद के साथ की।
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का अपने पुत्र के साथ महावीर मंदिर पहुंचना भी चर्चा का विषय बना रहा। मंदिर परिसर में दोनों ने कुछ समय बिताया और पूजा के बाद श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया। इस दौरान मौजूद लोगों ने दोनों नेताओं का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
विधानसभा का मानसून सत्र राज्य सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सत्र में सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना, कृषि और जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा कर सकती है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी सदन में सवाल-जवाब और चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में निशांत कुमार की भूमिका पर सभी की नजरें रहेंगी।
बतौर स्वास्थ्य मंत्री यह उनका पहला विधायी सत्र होने के कारण विपक्ष भी स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों की व्यवस्था, डॉक्टरों की नियुक्ति, दवा उपलब्धता और नई स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है। ऐसे में सदन के भीतर निशांत कुमार की पहली परीक्षा भी मानी जा रही है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह अवसर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार मंत्री के रूप में सदन में प्रवेश करने जा रहे निशांत कुमार पर सरकार और जनता दोनों की अपेक्षाएं हैं। स्वास्थ्य विभाग राज्य सरकार के सबसे अहम विभागों में शामिल है और इससे सीधे करोड़ों लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में विभाग की कार्यशैली, नई योजनाओं और भविष्य की रणनीति को लेकर भी लोगों की उत्सुकता बनी हुई है।
महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ अपने नए दायित्व की शुरुआत करने के बाद निशांत कुमार विधानसभा पहुंचे, जहां वे पहली बार मंत्री के रूप में मानसून सत्र की कार्यवाही में शामिल होंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि स्वास्थ्य मंत्री के रूप में वे सदन में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर किस प्रकार सरकार का पक्ष रखते हैं और बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आगे क्या नई पहल करते हैं।





