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NEET UG 2024 पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा! CBI ने संजीव मुखिया को दी क्लीन चिट, जानिए जांच में क्या मिला?

NEET UG 2024 पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने कहा कि संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ जांच में कोई सबूत नहीं मिला। इस मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जबकि 45 अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

NEET UG 2024 पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा! CBI ने संजीव मुखिया को दी क्लीन चिट, जानिए जांच में क्या मिला?
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

नई दिल्ली/पटना: NEET-UG 2024 प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि बिहार के चर्चित आरोपी संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ NEET-UG 2024 प्रश्नपत्र चोरी या उसके वितरण में शामिल होने का कोई ठोस साक्ष्य जांच के दौरान नहीं मिला। इसी कारण CBI ने इस मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की।

CBI ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा है कि संजीव मुखिया का नाम जानबूझकर जांच से बाहर रखा गया, जबकि यह दावा पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है। एजेंसी ने बताया कि वर्ष 2024 में ही इस विषय पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी।

बिहार पुलिस ने दर्ज किया था पहला मामला

CBI के अनुसार, वर्ष 2024 में बिहार पुलिस ने NEET (UG) 2024 परीक्षा के प्रश्नपत्र चोरी होने का खुलासा किया था। इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच के दौरान संदेह के आधार पर संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया था। इससे पहले भी उनका नाम कुछ अन्य परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों में सामने आ चुका था, इसलिए उन्हें आरोपी बनाया गया था। बाद में यह पूरा मामला जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया।

CBI ने की विस्तृत जांच

CBI ने अपने बयान में कहा कि उसने मामले की गहन और वैज्ञानिक तरीके से जांच की। जांच के दौरान प्रश्नपत्र चोरी, उसके वितरण और उससे लाभ पाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की गई। एजेंसी ने इस पूरे नेटवर्क में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की और उनके खिलाफ कार्रवाई की। CBI ने बताया कि अब तक इस मामले में 45 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न चार्जशीट पटना की सक्षम अदालत में दाखिल की जा चुकी हैं।

संजीव मुखिया के खिलाफ नहीं मिले सबूत

जांच एजेंसी ने कहा कि विस्तृत जांच के बावजूद संजीव मुखिया की NEET-UG 2024 प्रश्नपत्र चोरी या उसके वितरण में संलिप्तता साबित करने वाला कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला। CBI ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की पूरी साजिश और उसमें शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान हो चुकी है। जांच में कहीं भी ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि संजीव मुखिया इस विशेष मामले का हिस्सा थे।

अन्य मामलों में गिरफ्तारी हुई थी

CBI ने बताया कि जांच के दौरान संजीव मुखिया फरार थे। बाद में बिहार पुलिस ने उन्हें अन्य परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों में गिरफ्तार किया। चूंकि NEET-UG 2024 मामले की एफआईआर में भी उनका नाम था, इसलिए CBI ने उनसे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड लिया और विस्तृत पूछताछ की। हालांकि पूछताछ और जांच के दौरान भी उनके खिलाफ कोई ऐसा साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे उन्हें NEET-UG 2024 प्रश्नपत्र लीक मामले में आरोपी बनाया जा सके।

इसलिए नहीं दाखिल हुई चार्जशीट

CBI ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण एजेंसी ने संजीव मुखिया के खिलाफ इस मामले में कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की। इसी आधार पर उन्हें इस केस में जमानत भी मिल गई। हालांकि एजेंसी ने यह भी कहा कि संजीव मुखिया अन्य मामलों में आरोपी होने के कारण न्यायिक हिरासत में रहे और उनके खिलाफ बिहार पुलिस की जांच अलग से जारी रही।

सभी आरोपियों की पहचान होने का दावा

CBI ने अपने बयान में कहा कि उसने NEET-UG 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की व्यापक जांच पूरी कर ली है। एजेंसी का दावा है कि इस पूरे षड्यंत्र में शामिल सभी लोगों की पहचान कर ली गई है और यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी आरोपी कानून की प्रक्रिया से बच न सके।

CBI ने अंत में दोहराया कि संजीव मुखिया को लेकर वर्तमान में जो दावे किए जा रहे हैं कि उन्हें जानबूझकर बचाया गया या उनका नाम जांच से हटाया गया, वे पूरी तरह गलत हैं। एजेंसी के अनुसार, जांच केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई और जहां सबूत मिले वहां आरोपपत्र दाखिल किए गए, जबकि जहां कोई प्रमाण नहीं मिला, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की गई।