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4 बहुओं ने सामाजिक परंपरा की बेड़ियां तोड़ी, ससुर के पार्थिव शरीर को दिया कंधा

NAWADA: महिलाओं के सामाजिक परंपराओं की बेड़ियों में बंधे रहने की बात अब पुरानी हो गई है. आज की महिलाओं ने सामाजिक परम्पराओं की बंदिशों को तोड़ते हुए लड़कों को पीछे छोड़ना शुरू कर

FirstBihar
Khushboo Gupta
2 मिनट

NAWADA: महिलाओं के सामाजिक परंपराओं की बेड़ियों में बंधे रहने की बात अब पुरानी हो गई है. आज की महिलाओं ने सामाजिक परम्पराओं की बंदिशों को तोड़ते हुए लड़कों को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है. नवादा में 4 बहुओं ने सदियों से चले आ रहे सामाजिक परंपरा की बेड़ियों को तोड़ते हुए अपने ससुर के पार्थिव शरीर को कंधा दिया है.


परंपरा को तोड़ते हुए नवादा जिले के अकबरपुर के पांती इलाके में रहने वाली चार बहुओं ने अपने ससुर के पार्थिव शरीर को कंधा दिया. चारों में से एक बहू सरपंच है. गांववालों ने बहुओं के इस कदम की सराहना की और उनके साथ शव यात्रा में शामिल भी हुए. 


ससुर की मृत्यु के बाद जब शव यात्रा निकली तो चारों बहुएं नदी किनारे भी पहुंची, जहां उनकी मौजूदगी में पूरे रीति रिवाज से ससुर का दाह संस्कार किया गया. बहू शारदा देवी ने बताया कि अर्थी को कंधा देने का मकसद समाज को यह संदेश देना है कि किसी काम पर पुरुषों का एकाधिकार नहीं है. आपको बता दें कि मृतक नकुल पंडित की मौत ठंड लगने से हो गई थी.