ब्रेकिंग
लूट का विरोध करने पर सासाराम में आभूषण कारोबारी को मारी गोली, सूझबूझ से बचा गहनों से भरा बैगअब WhatsApp, Facebook और Instagram चलाने के लिए देने होंगे पैसे! Meta ने लॉन्च किए नए Plus प्लानविदेश भागने वाला था बिहार सरकार में टेंडर मैनेज करने वाला सबसे बड़ा दलाल: SVU ने रिशुश्री को गिरफ्तार किया, करोड़ों के जेवर और जमीन के कागजात बरामदविदेश भागने की फिराक में था रिशु श्री, कई IAS अफसरों का था करीबी, SVU ने बताया टेंडर माफिया को क्यों किया गिरफ्तार?मोतिहारी में कार से 25 लाख कैश बरामद, दो नेपाली नागरिक समेत 4 हिरासत मेंलूट का विरोध करने पर सासाराम में आभूषण कारोबारी को मारी गोली, सूझबूझ से बचा गहनों से भरा बैगअब WhatsApp, Facebook और Instagram चलाने के लिए देने होंगे पैसे! Meta ने लॉन्च किए नए Plus प्लानविदेश भागने वाला था बिहार सरकार में टेंडर मैनेज करने वाला सबसे बड़ा दलाल: SVU ने रिशुश्री को गिरफ्तार किया, करोड़ों के जेवर और जमीन के कागजात बरामदविदेश भागने की फिराक में था रिशु श्री, कई IAS अफसरों का था करीबी, SVU ने बताया टेंडर माफिया को क्यों किया गिरफ्तार?मोतिहारी में कार से 25 लाख कैश बरामद, दो नेपाली नागरिक समेत 4 हिरासत में

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई: घूस लेते पकड़े गए SI सदरे आलम सेवा से बर्खास्त

मुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए DIG ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सब-इंस्पेक्टर सदरे आलम को सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई।

बिहार न्यूज
घूस लेने के चक्कर में गई नौकरी
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MUZAFFARPUR: बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को दोहराते हुए तिरहुत क्षेत्र (मुजफ्फरपुर) के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) चंदन कुशवाहा ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कर्तव्य में लापरवाही और अनैतिक आचरण के दोषी पाए गए पुलिस अवर निरीक्षक (SI) सदरे आलम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।


क्या है पूरा मामला?

यह मामला साल 2021 का है, जब सदरे आलम मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में तैनात थे। अहियापुर थाना क्षेत्र के सिपाहीपुर की निवासी और शिकायतकर्ता तबस्सुम आरा ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपों के सत्यापन के बाद, 30 सितंबर 2021 को निगरानी विभाग की टीम ने एक विशेष छापेमारी (ट्रैप) की। इस कार्रवाई के दौरान, सब-इंस्पेक्टर सदरे आलम को अहियापुर थाने के सामने स्थित एक चाय की दुकान से 11,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में निगरानी थाना कांड संख्या-04/21 दर्ज किया गया था।


विभागीय जांच में सिद्ध हुए आरोप

गिरफ्तारी के बाद सदरे आलम के विरुद्ध विभागीय जांच (संचालन संख्या-117/21) शुरू की गई थी। इस जांच की जिम्मेदारी मुजफ्फरपुर के पुलिस उपाध्यक्ष (पूर्वी) को सौंपी गई थी। विभागीय जांच के संचालन पदाधिकारी श्री शहरयार अख्तर (अपर पुलिस अधीक्षक, पूर्वी, मुजफ्फरपुर) ने अपनी रिपोर्ट में सदरे आलम पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को पूरी तरह सही और प्रमाणित पाया।


कठोर कार्रवाई का संदेश

डीआईजी कार्यालय द्वारा जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस विभाग एक अनुशासित संगठन है। भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों का विभाग में बने रहना न केवल आम जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाता है, बल्कि संगठन के अन्य कर्मियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। जांच प्राधिकारी के मंतव्य और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), मुजफ्फरपुर की अनुशंसा से सहमत होते हुए, डीआईजी चंदन कुशवाहा ने सदरे आलम को दिनांक 02.04.2026 से सेवा से विमुक्त (Dismissed) करने का आदेश जारी किया है।


इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और यह संदेश साफ है कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई: घूस लेते पकड़े गए SI सदरे आलम सेवा से बर्खास्त

रिपोर्टिंग
M

रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता