BIHAR NEWS : सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में करीब दो साल पुराने भूमि विवाद और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मृतक मदन बैठा की पत्नी सीता देवी ने अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम के विशेष न्यायालय, मुजफ्फरपुर में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 22 अक्टूबर 2024 को पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर उनके पति और बेटी के साथ मारपीट की। गंभीर चोट लगने के बाद इलाज के दौरान 23 अक्टूबर को मदन बैठा की मौत हो गई।
घर पहुंची पुलिस टीम पर मारपीट का आरोप
सीता देवी की शिकायत के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2024 को दोपहर करीब 2:45 बजे तत्कालीन सिवाईपट्टी थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार, पुलिस पदाधिकारी शशिभूषण कुमार, अदिति कुमारी, अब्दुल्ला समेत अन्य पुलिसकर्मी तीन वाहनों से उनके घर पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस टीम के पहुंचते ही उनके पति मदन बैठा उर्फ मदन चौधरी के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी गई। शिकायत में बेटी इशा कुमारी के साथ भी कथित तौर पर मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। सीता देवी का दावा है कि मारपीट के बाद उनके पति को पुलिस वाहन में बैठाकर घर से करीब 200 मीटर दूर ले जाया गया।
पुलिस वाहन से उतारने के बाद बिगड़ी तबीयत
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उक्त स्थान पर मदन बैठा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें वाहन से नीचे उतार दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें मीनापुर के स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उन्हें एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर रेफर किया गया। एसकेएमसीएच के चिकित्सकों की सलाह के बाद मदन बैठा को मुजफ्फरपुर के नोवेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत के अनुसार, इलाज के दौरान 23 अक्टूबर 2024 को उनकी मौत हो गई।
भूमि विवाद से शुरू हुआ था विवाद
मामले की पृष्ठभूमि में भूमि विवाद बताया गया है। शिकायत के अनुसार, 6 सितंबर 2024 को जमीन और अतिक्रमण को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस मामले में सिवाईपट्टी थाना में कांड संख्या 122/24 और 124/24 दर्ज किए गए थे। सीता देवी का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने एक पक्ष के साथ मिलकर उनके परिवार को परेशान करना शुरू किया। इसी विवाद के क्रम में उनके पति को कथित रूप से निशाना बनाया गया और उनके साथ मारपीट की गई।
बेटे को धमकाने का भी आरोप
शिकायत में मृतक के बेटे शशि रंजन कुमार को कथित तौर पर धमकाने का भी उल्लेख है। सीता देवी के अनुसार, 25 अक्टूबर 2024 को राहुल कुमार और मनमोहन कुमार ने उनके बेटे पर दबाव बनाया और धमकी देकर सिवाईपट्टी थाना कांड संख्या 141/2024 दर्ज कराया गया। शिकायतकर्ता ने इन घटनाओं को भूमि विवाद से जुड़ी कथित साजिश का हिस्सा बताया है।
11 लोगों के खिलाफ शिकायत
सीता देवी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार के अलावा पुलिस पदाधिकारी शशिभूषण कुमार, अदिति कुमारी, अब्दुल्ला और अहियापुर में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी राहुल कुमार समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया है। अन्य आरोपियों में मुकेश बैठा, शंकर बैठा, लाल बाबू बैठा, पिंकी देवी, मंतोष कुमार और विक्की कुमार के नाम शामिल हैं।
मंत्री और मानवाधिकार आयोग से पत्राचार का दावा
पंच-सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के बाद तत्कालीन बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी और कार्रवाई के लिए तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक को अपने लेटर पैड पर पत्र दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मानवाधिकार आयोग की ओर से भी वरीय अधिकारियों को पत्राचार किया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और घटना से जुड़े फोटो एवं वीडियो आज भी उपलब्ध हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अदालत और संबंधित जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। आरोपित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।





