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मुजफ्फरपुर में शिक्षक को पॉक्सो के तहत 3 साल की सजा, 6 वर्षीय बच्ची से बैड टच करने का था आरोप

मुजफ्फरपुर में 11 साल पुराने पॉक्सो मामले में कोर्ट ने शिक्षक वरुण कुमार को तीन वर्ष की सजा और जुर्माना लगाया। छह वर्षीय छात्रा से बैड टच के आरोप में दोषी करार दिया गया।

बिहार
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्र ने जिले के 11 वर्ष पुराने मामले में शुक्रवार को एक शिक्षक वरुण कुमार को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साथ दोषी पर पांच हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे नहीं चुकाने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


मामला विगत 7 अक्टूबर 2014 का है, जब छह वर्षीय छात्रा के पिता ने मुजफ्फरपुर के सकरा थाने में शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.पिता ने शिकायत में कहा गया था कि वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र के मधुरापुर का निवासी वरुण कुमार, जो वर्तमान में सकरा थाना क्षेत्र स्थित अपने ननिहाल में रहकर छात्रा के घर पर ट्यूशन पढ़ाता था, पढ़ाने के दौरान छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार और बैड टच किया करता है। 


वही छात्रा की मां के बयान के अनुसार, शिक्षक ने उनकी बेटी के पूरे शरीर को गलत इरादे से छुआ करता था। जब इस घटना की शिकायत शिक्षक के ननिहाल वालों से की गई, तो उन्होंने शिकायतकर्ताओं के साथ अभद्रता और गाली गलौज का प्रयोग किया और तथा धमकी भी दी।


पुलिस ने मामले की जांच के बाद, 29 फरवरी 2016 को शिक्षक के खिलाफ विशेष कोर्ट में फाइनल चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) नरेंद्र कुमार ने कोर्ट में आठ गवाह पेश किए, जिनके बयानों और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने वरुण कुमार को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।

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