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बिहार के इस रेल रूट पर बिछेगी नई रेल लाइन, 1692 करोड़ रुपये होंगे खर्च; 60 किमी में बनेंगे 5 नए स्टेशन

बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुजफ्फरपुर से महुआ और ताजपुर होते हुए कर्पूरीग्राम तक नई रेल लाइन की योजना है। करीब 60 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट से कई इलाकों को सीधी रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना में कई नए स्टेशन और पुल भी ब

बिहार के इस रेल रूट पर बिछेगी नई रेल लाइन, 1692 करोड़ रुपये होंगे खर्च; 60 किमी में बनेंगे 5 नए स्टेशन
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar New Rail Line: उत्तर बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है. भगवानपुर-कर्पूरीग्राम वाया महुआ-ताजपुर के बीच करीब 60 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की परियोजना को मंजूरी मिल गई है. इस परियोजना पर करीब 1692 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. मंजूरी के बाद अब परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जाएगी.


नई रेल लाइन बनने के बाद मुजफ्फरपुर, वैशाली और समस्तीपुर के कई इलाकों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी. खासकर महुआ, ताजपुर, मोरवा, सरायरंजन और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही मुजफ्फरपुर-हाजीपुर रेल मार्ग को एक वैकल्पिक रेल मार्ग भी मिल जाएगा.


भगवानपुर से महुआ और ताजपुर होते हुए कर्पूरीग्राम पहुंचेंगी ट्रेनें

नई रेल लाइन के निर्माण के बाद हाजीपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों को भगवानपुर से महुआ और ताजपुर होते हुए कर्पूरीग्राम पहुंचने का सीधा रास्ता मिल सकेगा. इसके लिए ट्रेनों को मुजफ्फरपुर होकर जाने की जरूरत नहीं होगी. वहीं मुजफ्फरपुर की ओर से भी भगवानपुर के रास्ते महुआ तक रेल सेवा पहुंच सकेगी.


भविष्य में भगवानपुर स्टेशन को जंक्शन के रूप में विकसित करने की योजना है. इससे यह स्टेशन उत्तर बिहार के महत्वपूर्ण रेल संपर्क केंद्रों में शामिल हो सकता है.


60 KM के रूट पर बनेंगे 5 नए स्टेशन

करीब 60 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए कई नए निर्माण किए जाएंगे. भगवानपुर और कर्पूरीग्राम स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा. इसके अलावा महुआ जलालपुर, मुकंदपुर, सुल्तानपुर हक, हरिहर और ताजपुर में पांच नए स्टेशन बनाए जाने की योजना है.


रेल लाइन पर सात बड़े पुल बनाए जाएंगे. सड़क यातायात को सुरक्षित रखने के लिए 51 अंडरपास का भी निर्माण होगा. ताजपुर में एनएच-28 को पार करने के लिए रोड ओवरब्रिज बनाया जाएगा. खास बात यह होगी कि पूरे 60 किलोमीटर लंबे रेल रूट पर एक भी रेल गुमटी नहीं होगी.


किसानों और कारोबारियों को भी मिलेगा फायदा

नई रेल लाइन का असर सिर्फ यात्री परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा. इस रूट से जुड़े ताजपुर, मोरवा, सरायरंजन, गोरौल और सराय जैसे क्षेत्रों में कारोबार और कृषि गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.


ताजपुर की सब्जी मंडी के पास स्टेशन बनने से आसपास के किसानों को अपनी फसल बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए रेल परिवहन का विकल्प मिल सकेगा. इससे मुजफ्फरपुर, पटना समेत अन्य बाजारों तक कृषि उत्पाद भेजना आसान हो सकता है और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने की संभावना है.


गोरौल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां और फैक्ट्रियां भी हैं. ऐसे में नई रेल लाइन से यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है.


80 KM की जगह करीब 60 KM रह जाएगी दूरी

फिलहाल भगवानपुर से कर्पूरीग्राम जाने के लिए मुजफ्फरपुर होकर करीब 80 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. नई रेल लाइन बनने के बाद यही दूरी करीब 60 किलोमीटर रह जाएगी. इससे रेल मार्ग में करीब 20 किलोमीटर की कमी आएगी.


नई रेल कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद यात्रियों के सफर का समय और दूरी कम होने के साथ-साथ इस क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है. वहीं सड़क मार्ग पर मालवाहक वाहनों का दबाव कम करने में भी यह रेल परियोजना मददगार साबित हो सकती है.