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दहेज हत्या मामले में पति बाईज्जत बरी, 10 साल बाद कोर्ट से मिली राहत

मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र के दहेज हत्या मामले में आरोपी संजीत महतो को 10 साल बाद कोर्ट से बड़ी राहत मिली। एडीजे-1 की अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बाईज्जत बरी कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एस.के. झा ने पैरवी की।

बिहार न्यूज
दहेज हत्या मामले में आरोपी पति को मिला न्याय
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUZAFFARPUR: सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। यह वाक्या आज फिर से एक बार सिविल कोर्ट मुजफ्फरपुर में सही साबित हुआ। बताते चले कि जिले के पारू थाना क्षेत्र के केशोपुर वभनगाँव निवासी संजीत महतो पिछले दस वर्षों से अपनी पत्नी की हत्या के मुक़दमे में उलझे हुए थे, जिन्हे आज इंसाफ मिला और एडीजे-1 की अदालत के द्वारा आज उन्हें बाईज्जत बरी किया गया। 


आरोपी संजीत महतो के विरुद्ध पारू थाना में कांड संख्या - 250/16 इनके ससुर शंकर महतो के द्वारा दर्ज कराया गया था। अभियोजन की तरफ से चार गवाहों ने कोर्ट में अपनी गवाही दी। आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण आज उन्हें रिहा कर दिया गया। आरोपी संजीत महतो की तरफ से मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने मजबूती से अपना पक्ष रखा और निर्दोष संजीत महतो को न्याय दिलाया। 


मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं, संजीत महतो की आज हुई रिहाई इस कहावत को चरितार्थ करता है। संजीत महतो एक गरीब परिवार का निर्दोष व्यक्ति था, जिनके विरुद्ध में पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण आज उन्हें रिहा कर दिया गया। विदित हो कि इस मुकदमे में मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने काफ़ी शानदार और जोरदार बहस किये थे।

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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता