1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 20, 2026, 9:43:34 AM
- फ़ोटो
BIHAR NEWS : मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरनी गांव में हुई हिंसक घटना और एक व्यक्ति की मौत के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए जांच को सीआईडी (CID) के हवाले कर दिया है। साथ ही, घटना की रात छापेमारी टीम में शामिल गायघाट थानाध्यक्ष राजा सिंह समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि छापेमारी के दौरान पुलिस की कार्रवाई अत्यधिक बल प्रयोग वाली थी, जिसके कारण स्थिति बिगड़ी और एक व्यक्ति की जान चली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सख्ती दिखाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
दूसरी ओर, पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में दो नामजद समेत करीब 15 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस प्रकार, मामला अब दोतरफा कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ चुका है।
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह प्रभाकर द्वारा सौंपी गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, सीआईडी को भी जांच में शामिल कर तकनीकी और निष्पक्ष विश्लेषण सुनिश्चित किया जा रहा है।
इसके अलावा, जिला प्रशासन ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए जिलाधिकारी को औपचारिक पत्र भेजा गया है, ताकि पूरे घटनाक्रम की जांच न्यायिक निगरानी में हो सके और किसी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे। प्रशासन का मानना है कि दोहरी जांच प्रणाली से सच्चाई सामने आने में मदद मिलेगी।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक खबरें और अफवाहें भी तेजी से फैलने लगीं। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। एसएसपी ने बताया कि अब तक आधा दर्जन से अधिक सोशल मीडिया हैंडलर्स के खिलाफ भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट साझा करने के आरोप में मामला दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी खबर को साझा न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कड़े शब्दों में कहा, “कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे वह पुलिसकर्मी हो या आम नागरिक, किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी तथा जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, चोरनी गांव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।