1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Dec 15, 2025, 12:48:06 PM
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय की स्नातक सेमेस्टर-2 (सत्र 2024–28) की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में छात्रों के अजीबो-गरीब जवाब सामने आए हैं। कॉपियों की जांच कर रहे परीक्षकों का कहना है कि कई छात्रों ने प्रश्नों के उत्तर में विषय से हटकर बेवजह की बातें लिख दी हैं। कहीं किसी ने प्रेम पत्र लिख दिया है तो किसी ने यह तक लिखा है कि यदि इस बार पास नहीं हुए तो उसकी शादी रुक जाएगी। ऐसी कॉपियों को देखकर परीक्षक भी हैरान हैं।
बताया जा रहा है कि फिजिक्स विषय की एक कॉपी में फिजिकल फिजिक्स से जुड़े सवालों के जवाब की जगह छात्र ने खेल-कूद के महत्व पर लंबा विवरण लिख दिया। इसी तरह केमेस्ट्री और हिस्ट्री विषयों में भी कई छात्रों ने अपनी मनमर्जी से उत्तर लिखे हैं। स्नातक सेमेस्टर-2 की करीब पांच लाख उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जानी है, जिनमें बड़ी संख्या में ऐसी कॉपियां सामने आ रही हैं।
हिंदी विषय में भी चौंकाने वाली गलतियां देखने को मिली हैं। वैकल्पिक प्रश्नों की श्रेणी में एक छात्र ने ‘पद्मावत’ का लेखक देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को बता दिया, जबकि इसका लेखक मलिक मुहम्मद जायसी हैं। शिक्षकों का कहना है कि जिन छात्रों का ऑनर्स विषय हिंदी नहीं है और जिन्होंने हिंदी को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना है, उनकी कॉपियों में ऐसी त्रुटियां अधिक पाई जा रही हैं। हालांकि हिंदी ही नहीं, अन्य विषयों में भी छात्रों ने परीक्षकों को हैरान करने वाले उत्तर लिखे हैं।
एक परीक्षक ने बताया कि एक छात्र ने अपनी कॉपी में लिखा है कि यदि वह इस बार पास नहीं हुआ तो उसकी शादी नहीं होगी। छात्र ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए लिखा कि पहले भी वह स्नातक में प्रमोट हो चुका है और लड़की वाले शादी की मुहूर्त निकालने वाले हैं, सिर्फ उसके रिजल्ट का इंतजार है। अच्छे रिजल्ट पर इसी लगन में शहनाई बजने की बात भी उसने कॉपी में लिखी है।
वहीं, विज्ञान विषय की एक कॉपी में छात्र ने उत्तर की जगह प्रेम पत्र लिख दिया। कॉपी जांचने वाले शिक्षक प्रेम पत्र पढ़कर हैरान रह गए, जिसमें शादी के बाद जीने-मरने की कसमें तक लिखी हुई थीं। कई छात्रों ने पास कराने पर गुरु-दक्षिणा के रूप में मिठाई खिलाने का वादा भी कॉपियों में लिखा है। कुछ छात्रों ने बीमारी का हवाला देते हुए उत्तर की जगह बाकायदा आवेदन लिख दिया है और अपनी स्थिति को देखते हुए पास करने की गुहार लगाई है।