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Bihar News: बिहार में यहां गंडक नदी पर बनेगा नया पुल, निर्माण में खर्च होंगे लगभग ₹600 करोड़

Bihar News: मुजफ्फरपुर के फतेहाबाद से चंचलिया तक गंडक नदी पर 3 लेन का नया पुल बनेगा। 589 करोड़ की लागत से कैबिनेट ने दी मंजूरी। जानें कैसे इससे यात्रा होगी आसान और आर्थिक विकास को मिलेगा बल..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 03, 2025, 9:37:08 AM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक नई सड़क परियोजना ने स्थानीय लोगों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ा दी है। यहाँ गंडक नदी पर पारू प्रखंड के फतेहाबाद से सरैया प्रखंड के चंचलिया तक बनने वाले 3 लेन के भव्य पुल को राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को हरी झंडी दे दी है। इस उच्च स्तरीय पीएससी बॉक्स सेल सुपर स्ट्रक्चर पुल पर करीब 589 करोड़ 4 लाख 78 हजार रुपये का खर्च आएगा।


कुल 2280 मीटर लंबा और 15.55 मीटर चौड़ा यह पुल न सिर्फ दो प्रखंडों को जोड़ेगा बल्कि पहुंच पथ की 2200 मीटर लंबाई से यात्रा को और सुगम बना देगा। विधायक जनक सिंह ने इसे 15 साल पुरानी मांग की पूर्ति बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया है, यह पुल उत्तर बिहार के विकास को नई गति देगा।


फिलहाल फतेहाबाद से सारण जिले के तरैया जाने के लिए लोगों को रेवा घाट पुल के रास्ते 49 किलोमीटर की लंबी यात्रा करनी पड़ती है जो काफी थकाने वाली और महंगी साबित होती है। लेकिन इस नए पुल के बनते ही यह दूरी घटकर महज 10 किलोमीटर रह जाएगी, यानी 39 किलोमीटर की बचत।


इससे न सिर्फ समय और ईंधन की बचत होगी बल्कि सड़क पर चलना भी ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा। खासकर मानसून के दौरान नदी पार करने की परेशानी खत्म हो जाएगी और वाहनों की आवाजाही तेज हो जाएगी। स्थानीय किसान और व्यापारी पहले ही उत्साहित हैं क्योंकि यह बदलाव उनकी दैनिक जिंदगी को आसान बना देगा।


इस पुल से मुजफ्फरपुर के पारू और सरैया प्रखंड सीधे सारण के तरैया से जुड़ जाएंगे, जिससे सिवान और सारण तक पहुंचना बच्चों का खेल हो जाएगा। व्यापार-व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा, कृषि उत्पादों को बाजार पहुंचाने में आसानी होगी। किसानों को फसलें जल्दी बेचने का मौका मिलेगा जबकि व्यापारियों के लिए माल ढुलाई सस्ती और तेज होगी। लगभग 5 लाख आबादी वाले इस क्षेत्र को सीधा फायदा होगा जो उत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। पुल निर्माण के दौरान सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलेगा और लंबे समय में पर्यटन व स्थानीय उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।