MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर के नरौली स्थित वृहत आश्रय गृह (बाल गृह) से एक साथ दस बच्चों के फरार हो जाने की घटना पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता कुमारी सिंह ने सख्त संज्ञान लिया है। उन्होंने घोर लापरवाही बरतने पर उनसे सवाल-जवाब किए। उन्होंने बाल संरक्षण इकाई के प्रभारी, बाल गृह अधीक्षक तथा भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई।
निरीक्षण में खुली कमियां
घटना के बाद श्वेता कुमारी सिंह ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के साथ नरौली बाल गृह का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बरामद बच्चों से बातचीत की और फरारी के कारणों का पता लगाने की कोशिश की।पूछताछ में बाल गृह की भवन निर्माण में गंभीर खामियां, सुरक्षा प्रहरियों की लापरवाही और कर्मचारियों की उदासीनता साफ तौर पर उजागर हुई। न्यायाधीश ने बाल गृह अधीक्षक को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा उपायों के दिए निर्देश
निरीक्षण के बाद न्यायाधीश ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे तुरंत लगाए जाएं। मुख्य गेट को काफी ऊंचा किया जाए ताकि कोई चढ़कर भाग न सके। चारदीवारी पर कंटीले तारों का घेरा यथाशीघ्र पूरा किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जाए। बाल गृह से 10 बच्चों के सामूहिक फरार होने की घटना ने स्थानीय प्रशासन और बाल कल्याण विभाग में हड़कंप मचा दिया है। बच्चों की तलाश जारी है। श्रीमती श्वेता कुमारी सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









