Bihar Cyber Fraud: मुजफ्फरपुर में फर्जी सीबीआई अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है. इस मामले में साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में छापेमारी कर कथित मास्टरमाइंड टिपू कुशवाहा को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल फोन भी बरामद किया है. जांच के दौरान गिरोह के तार कई राज्यों के अलावा इराक से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी पुलिस पड़ताल कर रही है.
मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस ने तकनीकी जानकारी और बैंकिंग लेनदेन से मिले सुरागों के आधार पर यह कार्रवाई की. साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था. टीम ने उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में छापेमारी कर टिपू कुशवाहा को गिरफ्तार किया. आरोपी बरियारपुर का रहने वाला बताया गया है.
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है. जांच एजेंसी अब इस मोबाइल की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि ठगी में इस्तेमाल किए गए नंबरों, संपर्कों और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके.
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य खुद को सीबीआई अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर लोगों को फोन करते थे. इसके बाद किसी आपराधिक मामले में नाम आने, जांच में फंसने या गिरफ्तारी होने का डर दिखाया जाता था. आरोप है कि इसी बहाने लोगों को डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया जाता था और उनसे लाखों रुपये की ठगी की जाती थी.
इस तरह के मामलों में साइबर अपराधी लोगों को फोन या वीडियो कॉल पर लगातार संपर्क में रखकर उन्हें जांच एजेंसियों की कार्रवाई का डर दिखाते हैं. इसके बाद मामले से बचाने या गिरफ्तारी टालने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है. मुजफ्फरपुर में सामने आए इस मामले में भी पुलिस इसी तरीके से ठगी किए जाने की जांच कर रही है.
प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली है कि गिरोह के सदस्य पाकिस्तानी और दूसरे राज्यों के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को फोन करते थे. कॉल के दौरान खुद को जांच एजेंसी या पुलिस से जुड़ा अधिकारी बताकर पीड़ितों पर दबाव बनाया जाता था.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कॉल के लिए किन मोबाइल नंबरों और तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया गया. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विदेश से जुड़े नंबरों के जरिए गिरोह किस तरह लोगों तक पहुंचता था और ठगी की रकम किन खातों में मंगाई जाती थी.
साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क के कई राज्यों में फैले होने की जानकारी मिली है. जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े एक शख्स का इराक से संबंध होने का इनपुट भी सामने आया है. पुलिस इस कनेक्शन की पुष्टि करने और इसकी वास्तविक भूमिका का पता लगाने में जुटी है.





