revenue officer suspended : राजस्व कर्मचारी निलंबित, जमाबंदी पंजी में छेड़छाड़ करना पड़ा महंगा; DM ने लिया एक्शन

revenue officer suspended : मुंगेर जिले में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारी मो. रजत को जमाबंदी पंजी-2 में छेड़छाड़ करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मुंगेर के डीएम निखिल धनराज निप्पनिकर ने यह कार्रवाई "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत की है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 11 Jan 2026 08:40:58 AM IST

revenue officer suspended : राजस्व कर्मचारी निलंबित, जमाबंदी पंजी में छेड़छाड़ करना पड़ा महंगा; DM ने लिया एक्शन

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revenue officer suspended : बिहार के मुंगेर जिले में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कार्यप्रणाली में लापरवाही और अनुचित तरीके से जमाबंदी दस्तावेज में छेड़छाड़ के आरोप पर सख्त कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी मो. रजत को निलंबित कर दिया गया है।


मुंगेर के डीएम निखिल धनराज निप्पनिकर ने यह कार्रवाई राज्य सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत की है। डीएम ने कहा कि प्रशासन द्वारा हर मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता और छेड़छाड़ प्रशासन के लिए अस्वीकार्य है।


यह मामला तब सामने आया जब सदर अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी मो. रजत के खिलाफ जमाबंदी पंजी-2 में गलत तरीके से छेड़छाड़ की शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन अंचलाधिकारी प्रीति कुमारी और वर्तमान राजस्व अधिकारी प्रभात कुमार के मार्गदर्शन में जांच शुरू की गई। जांच में पाया गया कि मो. रजत ने जमाबंदी दस्तावेज में अनुचित तरीके से बदलाव किया था। जांच के बाद दोष स्पष्ट रूप से सामने आने पर डीएम ने मो. रजत को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही अन्य कर्मचारियों – रंजीत कुमार और सतीश कुमार आर्य के खिलाफ भी कारण पूछने के लिए नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों को नोटिस भेजकर उनसे मामले की व्याख्या और जवाब मांगा गया है।


डीएम निखिल धनराज निप्पनिकर ने कहा कि राजस्व विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों को लगातार ट्रेनिंग और गाइडलाइन दी जाती हैं ताकि कोई भी गलत कार्य न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो प्रशासन के लिए उसे बर्दाश्त करना संभव नहीं है।


इस मामले को लेकर जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि निलंबन केवल सजा नहीं बल्कि एक संदेश है कि प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगा। मो. रजत के खिलाफ की गई कार्रवाई अन्य कर्मचारियों के लिए चेतावनी भी है। मुंगेर जिले में हाल ही में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दाखिल-खारिज प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए कई पहल की हैं। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा लगातार जनसुनवाई के माध्यम से लोगों के मामलों का निपटारा कर रहे हैं। उनकी यह पहल सुनिश्चित करती है कि भूमि से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनियमितता न हो और आम नागरिकों को समय पर न्याय मिले।


सदर अंचल के राजस्व दस्तावेजों में छेड़छाड़ का यह मामला स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच गहन चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का मानना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई एक सकारात्मक संकेत है और यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त है। जिला प्रशासन ने आगे कहा कि मो. रजत के अलावा अन्य कर्मचारियों के कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी अन्य छेड़छाड़ या लापरवाही का पता चल सके। इसके लिए सभी राजस्व दस्तावेजों की नियमित जांच और ऑडिट करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।


यह कदम मुंगेर जिले में भूमि प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और आम जनता को न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। डीएम निखिल धनराज निप्पनिकर ने सभी राजस्व कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने कार्य में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखें। इस प्रकार, मुंगेर जिले में जमाबंदी पंजी में छेड़छाड़ के आरोप पर तत्काल कार्रवाई, कर्मचारियों के प्रति जिम्मेदारी और पारदर्शिता के संदेश को उजागर करता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता के अधिकारों की रक्षा करने के लिए सभी उपाय किए जाएंगे।