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मुंगेर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बिगड़े हालात, घरों में घुसा बाढ़ का पानी; ग्रामीण सड़क किनारे रहने को मजबूर

Bihar Flood News: मुंगेर के बरियारपुर प्रखंड की करहरिया पूर्वी पंचायत में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई वार्डों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। ग्रामीण बच्चों और मवेशियों के साथ सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं।

Bihar Flood News
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Flood News: मुंगेर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर अब निचले इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। बरियारपुर प्रखंड की करहरिया पूर्वी पंचायत के कई वार्ड बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीण अपने घर-बार छोड़कर बच्चों और मवेशियों के साथ सुरक्षित ठिकानों की तलाश में सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं।



कई परिवार जरूरी सामान लेकर सड़क किनारे पहुंच गए हैं। बारिश के बीच लोग अस्थायी झोपड़ी बनाकर रात गुजार रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।



ग्रामीणों के मुताबिक, मुरला मुसहरी में एक नाव उपलब्ध कराई गई है, लेकिन पंचायत के अन्य प्रभावित वार्डों के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था नहीं है। बाढ़ के पानी के बीच आने-जाने में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने राहत व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं बताई हैं। उनका आरोप है कि अब तक पर्याप्त पॉलिथीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क किनारे रह रहे परिवारों को परेशानी हो रही है। बारिश के बीच बच्चों और महिलाओं को खुले में रहने में दिक्कत हो रही है, वहीं मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है।



ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत शिविर शुरू करने के साथ पर्याप्त नाव, पॉलिथीन, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की भी मांग की गई है, ताकि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी दवाएं मिल सकें।



करहरिया पूर्वी पंचायत के मुखिया नंदलाल मंडल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित वार्डों और परिवारों की जानकारी बरियारपुर अंचलाधिकारी को दी गई है। उनके अनुसार, अंचलाधिकारी ने जल्द राहत शिविर शुरू करने का आश्वासन दिया है। मुखिया ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रभावित इलाकों में भेजकर लोगों की जांच और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था कराने की मांग भी की है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता