Hindi News / bihar / munger-news / 'रन फॉर सेल्फ' में पत्नी-बेटी के साथ शामिल हुए लांडे..कहा, अभी युवाओं की...

'रन फॉर सेल्फ' में पत्नी-बेटी के साथ शामिल हुए लांडे..कहा, अभी युवाओं की सुनने निकले हैं

पूर्व आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे ने आज 'रन फॉर सेल्फ' में भाग लिया और दौड़ते हुए जमालपुर से नौ किलोमीटर दूर मुंगेर के पोलो मैदान पहुंचे। कहा कि युवाओं में बदलाव को लेकर इस दौड़ का आयोजन किया गया है। पूरे बिहार में इस तरह का आयोजन होगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 04, 2025, 2:11:02 PM

'रन फॉर सेल्फ' में पत्नी-बेटी के साथ शामिल हुए लांडे..कहा, अभी युवाओं की सुनने निकले हैं

- फ़ोटो

Munger News : पूर्व आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे अब युवाओं के लिए कार्य कर रहे हैं। मुंगेर के जमालपुर जुबली वेल से शिवदीप लांडे के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने 'रन फॉर सेल्फ' में लिया भाग और दौड़ते हुए जमालपुर से नौ किलोमीटर दूर मुंगेर के पोलो मैदान पहुंचे। इस अवसर पर लांडे ने कहा कि युवाओं में बदलाव को लेकर इस दौड़ का आयोजन किया गया है। पूरे बिहार में इस तरह का आयोजन होगा।


अपने पद से इस्तीफा देने के बाद शिवदीप लांडे ने युवाओं के लिए कार्य करना शुरू किया है, और इसकी शुरुआत उन्होंने मुंगेर से की है। उनका कहना है कि बतौर आईपीएस अधिकारी अपने करियर की शुरुआत मुंगेर से की थी। सबसे पहले ट्रेनिंग के लिए मुंगेर ही भेजा गया था। मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे ने जब आईपीएस पद से इस्तीफा दिया तो कई तरह की चर्चाएं हुई थी।


 कहा जा रहा था कि वे सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ा सकते हैं, लेकिन सभी कयास पर विराम लगाते हुए अपने फाउंडेशन के तहत युवाओं में बदलाव के लिए काम कर रहे हैं। आज मुंगेर में उन्होंने 'रन फॉर सेल्फ' का आयोजन कर युवाओं को अपने बीच सकारात्मक बदलाव लाने के संदेश दिए। सैकड़ों युवाओं के साथ जमालपुर से लेकर मुंगेर के पोलो मैदान तक दौड़ते हुए पहुंचे । साथ में उनकी पत्नी और बेटी भी थीं। 


उन्होंने कहा कि मुंगेर से ही आईपीएस करियर की शुरुआत हुई थी। यही कारण है कि 'रन फॉर सेल्फ' की शुरुआत मुंगेर से ही कर रहे हैं। इसके बाद अन्य जिलों में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कहा कि मुख्य उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक बदलाव लाना है। अभी वे युवाओं की सुनने निकले हैं, पूरे बिहार में युवाओं को सुनेंगे। दस सालों में युवाओं के बीच कैसे बदलाव लाएं, इसपर अभी फोकस है।