MADHUBANI: मधुबनी जिले के पंडौल थाना क्षेत्र के बथने गांव में रंगदारी नहीं देने पर कपड़ा व्यवसायी के घर दिनदहाड़े हुई फायरिंग और हमले के मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देशी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। हालांकि, मामले के कई नामजद आरोपी अब भी फरार हैं, जिससे पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताया जाता है कि 19 जुलाई 2026 को कपड़ा व्यवसायी दीपक कुमार कुंवर से फोन पर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी देने से इनकार करने पर करीब दो दर्जन से अधिक बदमाशों ने सुबह लगभग 10 बजे उनके घर पर हमला कर दिया। आरोप है कि बदमाशों ने फायरिंग के साथ-साथ ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से भी हमला किया।
हमले के दौरान दीपक कुमार कुंवर और उनके परिजनों ने किसी तरह घर का मुख्य दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई। परिजनों ने घटना का वीडियो भी बनाया और तत्काल पंडौल थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने की खबर मिलते ही हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मधुबनी के एसएसपी योगेंद्र कुमार तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों—हरदेव सिंह, रामचंद्र दास उर्फ पप्पू मंडल, विष्णु कुमार यादव और प्रमोद यादव—को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से एक देशी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
हालांकि, पंडौल थाना कांड संख्या 231/26 में नामजद कई अन्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। प्राथमिकी में अभिनेष चौपाल, राहुल चौपाल, नकली, लालू यादव, अभिषेक कुमार, अमन कुमार सिंह, अकबर, संतोष मिश्रा, विक्रम झा, आयुष कुमार सिंह, रणधीर कुमार यादव, मनमोहन सिंह समेत अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई धीमी पड़ गई है। उनका कहना है कि कई आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोप है कि फरार बदमाश अब भी हथियारों के साथ गांव में घूम रहे हैं और पीड़ित व्यवसायी के घर की रेकी कर रहे हैं। वर्तमान में व्यापारी के घर की सुरक्षा के लिए एक होमगार्ड जवान तैनात किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोबारा हमला होता है तो निहत्था होमगार्ड जवान परिवार की सुरक्षा कैसे करेगा, यह बड़ा सवाल है।
ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक गांव में भय का माहौल बना रहेगा और व्यापारी परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पाएगा।




