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बिहार में विदेश भेजने के नाम पर बड़ा खेल! 63 पासपोर्ट के साथ 4 गिरफ्तार; नौकरी का झांसा देकर ऐसे करते थे ठगी

Bihar Crime News: बिहार के मधुबनी में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 63 मूल पासपोर्ट के साथ चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक डाककर्मी भी शामिल...

बिहार में विदेश भेजने के नाम पर बड़ा खेल! 63 पासपोर्ट के साथ 4 गिरफ्तार; नौकरी का झांसा देकर ऐसे करते थे ठगी
Ramakant kumar
5 मिनट

Bihar Crime News: मधुबनी पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. घोघरडीहा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 63 मूल पासपोर्ट के साथ चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपितों में गिरोह का कथित मुख्य सरगना और एक डाककर्मी भी शामिल है. पुलिस ने आरोपितों के पास से एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे भी बरामद किए हैं.


पुलिस के अनुसार, यह गिरोह वर्ष 2024 से सक्रिय था और विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग लोगों से पासपोर्ट मंगवाता था. इसके बाद इन पासपोर्ट को दूसरे राज्यों में सक्रिय एजेंटों तक पहुंचाया जाता था. पुलिस को पूछताछ में पटना, कानपुर, पंजाब और महाराष्ट्र से जुड़े एजेंटों के बारे में भी जानकारी मिली है.


रात में वाहन जांच के दौरान पकड़े गए दो युवक

मधुबनी पुलिस के अनुसार, रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि करीब 2 बजे घोघरडीहा थाना पुलिस हनुमान चौक के पास रात्रि गश्ती और विशेष वाहन जांच अभियान चला रही थी. इसी दौरान शत्रुपट्टी की ओर से एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए. पुलिस को देखकर दोनों ने अचानक बाइक घुमाकर भागने का प्रयास किया.


पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया. उनकी पहचान किसनीपट्टी निवासी मो. इरशाद और शत्रुपट्टी निवासी रफी अहमद के रूप में हुई. तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद काले रंग के बैग से अलग-अलग राज्यों और जिलों से जारी किए गए 63 मूल पासपोर्ट मिले. इसके अलावा पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए.


पूछताछ में सामने आया गिरोह का नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में मो. इरशाद ने बताया कि उसके पिता मो. आरजू गांव के ग्रामीण डाक सेवक मो. अदनान हुसैन के पते पर देश के अलग-अलग हिस्सों से पासपोर्ट मंगवाते थे. इसके बाद इन पासपोर्ट को पटना, कानपुर, पंजाब और महाराष्ट्र में मौजूद एजेंटों तक पहुंचाया जाता था.


पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किसनीपट्टी निवासी मो. आरजू और शत्रुपट्टी निवासी डाककर्मी मो. अदनान हुसैन के घर छापेमारी की. दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं.


हर पासपोर्ट के बदले लिए जाते थे लाखों रुपये

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मो. आरजू ने बताया कि वह रूस में रहने के दौरान अंतरराष्ट्रीय एजेंटों के संपर्क में आया था. इसके बाद वर्ष 2024 से डाककर्मी की कथित मिलीभगत से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पासपोर्ट मंगवाने का काम शुरू किया गया.


पुलिस का आरोप है कि गिरोह एक पासपोर्ट के बदले करीब दो लाख रुपये तक लेता था और लोगों को टूरिस्ट वीजा के जरिए विदेश भेजने की व्यवस्था करता था. पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज तैयार कराने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था.


विदेश भेजने के बाद पासपोर्ट रखने का भी आरोप

पुलिस के अनुसार, गिरोह के जरिए विदेश भेजे गए लोगों के पासपोर्ट वहां रख लिए जाते थे. इसके बाद उन्हें घरेलू काम या दूसरे कामों में लगाए जाने की बात सामने आई है. पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ लोगों को युद्ध जैसे जोखिम वाले क्षेत्रों में भेजे जाने की आशंका है. इन सभी पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है.


पटना और कानपुर के एजेंटों की तलाश

मामले में घोघरडीहा थाना में प्राथमिकी संख्या 210/26 दर्ज की गई है. गिरफ्तार चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है. वहीं पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े पटना और कानपुर के एजेंटों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई कर रही है.


मधुबनी पुलिस का कहना है कि पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि 63 पासपोर्ट किन लोगों के हैं और उन्हें किस उद्देश्य से एकत्र किया गया था. मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है.