ब्रेकिंग
दिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाददिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाद

बिहार : खानदान की पहली बेटी के लिए अनोखा गिफ्ट, 10वें बर्थडे पर चांद पर खरीदी जमीन, स्पेस टिकट भी खरीदा

बिहार : आमतौर पर देखा जाता है कि लड़की के जन्म पर लोग दुखी हो जाते हैं. लोग लड़कियों को बोझ समझते हैं, लेकिन मधुबनी के झंझारपुर के एक डॉक्टर दंपति ने समाज को बड़ा संदेश दिया है. उन्हो

बिहार : खानदान की पहली बेटी के लिए अनोखा गिफ्ट, 10वें बर्थडे पर चांद पर खरीदी जमीन, स्पेस टिकट भी खरीदा
First Bihar
3 मिनट

बिहार : आमतौर पर देखा जाता है कि लड़की के जन्म पर लोग दुखी हो जाते हैं. लोग लड़कियों को बोझ समझते हैं, लेकिन मधुबनी के झंझारपुर के एक डॉक्टर दंपति ने समाज को बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने अपनी बेटी के 10वें जन्मदिन पर चांद पर एक एकड़ जमीन खरीद कर गिफ्ट दी है. पांचवीं कक्षा में पढ़ रही आस्था भारद्वाज को यह अनोखा गिफ्ट देने वाले उसके माता-पिता झंझारपुर आरएस में रह रहे डॉ सुरबिंदर कुमार झा व डॉ. सुधा झा हैं.


डॉ. सुरबिंदर कुमार झा बताते हैं उनकी बेटी आस्था उनके खानदान में जन्मी पहली लड़की है. उन्हें लड़की के जन्म पर बहुत ख़ुशी थी. इसी खुशी में वे दोनों उसके 10वें जन्मदिन पर कुछ अलग गिफ्ट देने की सोच रहे थे जो 25 फरवरी 2022 को पूरा हुआ. जमीन के रजिस्ट्री पेपर के साथ चांद पर जाने का स्पेस टिकट भी उपलब्ध कराया गया है. इस टिकट को उसकी बेटी जब चाहे उपयोग में ला सकती है.

ऐसे मिली चांद पर जमीन

डॉ सुरबिंदर कुमार झा कहते हैं कि चांद पर जमीन लेना इतना आसान भी नहीं था. इसको लेने में कुल डेढ़ साल लग गये. इसके लिए पहले उन्होंने विभिन्न वेबसाइट पर इसकी प्रक्रिया तलाशी और खरीदारी का माध्यम खोजा. जिसमें अमेरिका के कैलिफोर्निया के लूना सोसायटी के बारे में पता चला. इसके बाद उन्होने इस सोसायटी की वेबसाइट पर जाकर आवेदन किया. 


 इसके बाद सोसायटी ने उनकी बेटी और उनसे संबंधित जरूरी कागजात मांगे. इसके बाद चांद पर जमीन खरीदने की प्रकिया कर उनसे जमीन की कीमत व रजिस्ट्री शुल्क की राशि पेपल एप से भुगतान करवाया. फिर रजिस्ट्री का दस्तावेज स्पीड पोस्ट से भेजकर बेटी का हस्ताक्षर कर उसे मेल पर अपलोड करने का निर्देश मिला. यह सब कागजी प्रक्रिया करने में पूरे डेढ़ साल लग गये. इसके बाद 27 जनवरी 2022 को स्पीड पोस्ट से रजिस्ट्री का पेपर भेजा गया. और अब उन्होंने अपनी बेटी के दसवें जन्मदिन पर उसे तोहफे में दिया है.

टैग्स

संबंधित खबरें