MADHUBANI: बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब के सेवन और बिक्री से जुड़े मामले लगातार सामने आते रहते हैं। इसी बीच मधुबनी जिले के बासोपट्टी बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) ओम प्रकाश अकेला से जुड़ा एक कथित शराब पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।
बिहार में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर “न नशा करेंगे, न करने देंगे” और “नशा मुक्त बिहार” की शपथ दिलाई जाती है। ऐसे में बिजली विभाग के एक अधिकारी से जुड़ा बताया जा रहा यह वीडियो सामने आने के बाद शराबबंदी कानून के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और फर्स्ट बिहार भी वीडियो में किए जा रहे दावों की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।
वायरल वीडियो को लेकर जांच की मांग
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि जांच के दौरान वीडियो में लगाए जा रहे आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या शराबबंदी कानून सरकारी अधिकारियों और आम लोगों के लिए अलग-अलग तरीके से लागू होगा?
बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं को विभागीय नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में एक अधिकारी से जुड़ा कथित वीडियो वायरल होने के बाद विभाग की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
DM और बिजली कंपनी के रुख पर नजर
अब निगाहें मधुबनी के जिलाधिकारी और उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की ओर हैं। लोगों की मांग है कि मामले का संज्ञान लेकर वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए। अगर जांच में वीडियो और उसमें लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित जेई के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी।
वहीं, संबंधित जेई ओम प्रकाश अकेला और बिजली विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
मधुबनी से कुमार गौरव की रिपोर्ट





