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बेमौसम बारिश बनी आफत, मधेपुरा में पुल धंसा तो सहरसा में बह गया एप्रोच पथ, हजारों लोग प्रभावित

Bihar News: बारिश ने अचानक ऐसा कहर बरपाया कि कहीं पुल धंस गया तो कहीं एप्रोच पथ बह गया… मधेपुरा और सहरसा में हालात बिगड़ते ही हजारों लोग फंस गए। अब सवाल यह है कि आखिर लोग अब कैसे अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे?

बेमौसम बारिश बनी आफत, मधेपुरा में पुल धंसा तो सहरसा में बह गया एप्रोच पथ, हजारों लोग प्रभावित
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं तेज हवा तो कहीं बेमौसम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसी बीच मधेपुरा और सहरसा से सामने आई दो घटनाओं ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। एक ओर मधेपुरा में करीब 30 साल पुराना पुल धंस गया, तो दूसरी ओर सहरसा में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से पीपा पुल का एप्रोच पथ बह गया।


मधेपुरा जिले में शहर से सटे साहुगढ़ गांव जाने वाली सड़क पर बना पुराना पुल शुक्रवार देर रात अचानक धंस गया। बताया जा रहा है कि यह पुल काफी जर्जर स्थिति में था और इस पर पहले से ही भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगी हुई थी। इसके बावजूद देर रात किसी भारी वाहन के गुजरने से पुल और कमजोर हो गया और अंततः धंस गया।


इस घटना के बाद साहुगढ़, भेलवा, घैलाढ़ समेत दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है। अब लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम संतोष कुमार तथा ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।


ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पुराने पुल के पास ही एक नया हाईलेवल पुल बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि यह जून तक पूरा हो जाएगा। हालांकि तब तक स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।


वहीं सहरसा जिले में बेमौसम बारिश के कारण हालात और गंभीर हो गए हैं। कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के घोघसम और राजनपुर के बीच बने पीपा पुल के एप्रोच पथ को पूरी तरह बहा दिया है। इसके कारण घोघसम, राजनपुर, कठडूमर, बेलवाड़ा, धनुपुरा, चानन और कबीरा समेत करीब 8 पंचायतों के 60 हजार से अधिक लोगों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है।


इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर मरीजों, स्कूली बच्चों और रोजाना काम पर जाने वाले मजदूरों पर पड़ा है। लोगों को अब आवाजाही के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए घोघसम घाट पर नावों की व्यवस्था की है। सिमरी बख्तियारपुर के अंचलाधिकारी शुभम वर्मा ने बताया कि पर्याप्त नावों का संचालन किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नावें भी लगाई जाएंगी। साथ ही पूरे हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।


इन घटनाओं ने एक बार फिर राज्य में बुनियादी ढांचे की मजबूती और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।