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Bihar News: मेडिकल कॉलेज के लिफ्ट में फंसा नाबालिग लड़का, बीमार मां से मिलने गया था अस्पताल

Bihar News: बिहार के मधेपुरा के जननायक कर्पूरी ठाकुर (JNKT) मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिफ्ट में एक बच्चा करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा. वह अपनी बीमार मां से मिलने अस्पताल आया था.

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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: बिहार के मधेपुरा के जननायक कर्पूरी ठाकुर (JNKT)  मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिफ्ट में एक बच्चा करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा। यह घटना शुक्रवार रात की है। लापरवाही का यह गंभीर मामला सिंघेश्वर थाना क्षेत्र के बेचन मुखिया के 12 वर्षीय पुत्र कपिल कुमार है, जो अपनी बीमार मां से मिलने अस्पताल आया था। लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद बालक और मौके पर मौजुद लोग अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर बेहद आक्रोशित नजर आया। इसके विरोध में अस्पताल में मौजूद लोगों ने बवाल भी किया। 


जानकारी के मुताबिक, कपिल कुमार शुक्रवार रात अस्पताल की ग्राउंड फ्लोर से पांचवीं मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुआ, लेकिन जैसे ही लिफ्ट ने ऊपर की ओर गति पकड़ी, वह अचानक बीच में ही रुक गई। अंदर फंसे कपिल ने लिफ्ट के दरवाजे पीटना शुरू किया और शोर मचाया। उसकी आवाज सुनकर पास से गुजर रहे एक व्यक्ति ने तुरंत इसकी सूचना अस्पताल के गार्ड और अन्य स्टाफ को दी। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट को ठीक कर कपिल को बाहर निकाला गया। बाहर आते ही बालक काफी घबराया हुआ था और उसने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर रोष जताया।


कपिल ने बताया कि उसकी मां मेडिकल कॉलेज की पांचवीं बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर भर्ती है। वह उनसे मिलने आया था। लिफ्ट में चढ़ने के कुछ ही क्षणों में वह अचानक रुक गई। अंदर बहुत गर्मी थी, बिजली चली गई थी, अंधेरा हो गया था। बहुत डर लग रहा था कपिल कुमार लिफ्ट से सुरक्षित बाहर निकलने के बाद कपिल के परिजन और वहां मौजूद अन्य लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी जाहिर की। 


वहीं, लोगों का कहना है कि अस्पताल की अधिकांश लिफ्ट खराब पड़ी हैं प्रबंधन की ओर से नियमित मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है यह पहली बार नहीं है जब कोई मरीज या तीमारदार लिफ्ट में फंसा हो स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।


यह घटना अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है। एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जहाँ रोज़ाना सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही होती है, वहाँ बुनियादी सुविधाओं – विशेष रूप से लिफ्ट जैसी आपात सेवाओं की लचर स्थिति मरीजों की जान जोखिम में डाल रही है। घटना के बाद कई स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही लिफ्ट और अन्य जरूरी उपकरणों का सुधार नहीं किया गया, तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।