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Ashok Dham Stampede : अशोक धाम भगदड़ पर विजय सिन्हा का बड़ा बयान, ‘बिजली का पोल दूसरी दिशा में गिरा था’, CCTV से खुलेगा हादसे का राज

अशोक धाम भगदड़ हादसे पर विजय कुमार सिन्हा ने उठाए गंभीर सवाल। बोले- बिजली का पोल दूसरी दिशा में गिरा था, आखिर भगदड़ कैसे मची? CCTV फुटेज से सामने आएगा पूरा सच।

Ashok Dham Stampede
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© AI
Tejpratap
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लखीसराय :  बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सोमवार को हुई भगदड़ की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी और अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।

विजय कुमार सिन्हा ने घटनास्थल पर बिजली का पोल गिरने की चर्चा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मौके पर पहुंचकर उन्होंने खुद स्थिति देखी है। जिस दिशा में बिजली का पोल गिरने की बात कही जा रही थी, पोल उसके विपरीत दिशा में गिरा हुआ था। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर भगदड़ की शुरुआत कैसे हुई।

उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर ऐसी कोई स्पष्ट जगह नजर नहीं आई, जहां से अचानक बड़ी संख्या में लोगों के भागने की स्थिति पैदा होती। यही वजह है कि प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द CCTV फुटेज निकालकर उसकी जांच की जाए।

CCTV फुटेज से सामने आएगा भगदड़ का सच

पत्रकारों ने जब सवाल उठाया कि क्या घटनास्थल के सभी हिस्सों में CCTV कैमरों की व्यवस्था है, खासकर रेलवे स्टेशन की ओर से आने वाले रास्ते और खेत-खलिहान वाले इलाके में, तो विजय सिन्हा ने कहा कि जिलाधिकारी के मुताबिक मंदिर के आसपास और रास्तों में भी CCTV कैमरे लगाए गए हैं।

अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन कैमरों की फुटेज जुटाकर पूरे घटनाक्रम का क्रमवार विश्लेषण करना है। किस समय भीड़ बढ़ी, किस तरफ से अफवाह फैली, लोग किस दिशा में भागे और भगदड़ की शुरुआत किस बिंदु से हुई—इन तमाम सवालों के जवाब CCTV फुटेज से मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों से मुलाकात के बाद विजय सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर और आसपास के सभी इलाकों में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि हादसे में अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा। जिला प्रशासन को पूरी जांच-पड़ताल करने और जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि जांच केवल घटना के कारणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि आयोजन और भीड़ प्रबंधन के दौरान किस स्तर पर चूक हुई।

अफवाह से मची भगदड़ या कुछ और था कारण?

विजय सिन्हा के मुताबिक अशोक धाम रेलवे स्टेशन से उतरकर मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता ऐसा नहीं है, जहां सामान्य तौर पर किसी बड़े खतरे की स्थिति बनती हो। उन्होंने कहा कि इसी रास्ते पर कुछ लोगों ने यह अफवाह फैला दी कि करंट दौड़ रहा है। जबकि मौके पर मौजूद बिजली के तार पूरी तरह कवर थे।

प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि करंट की अफवाह सबसे पहले किसने फैलाई और उसके बाद भीड़ में किस तरह की प्रतिक्रिया हुई। क्योंकि धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच अचानक फैली किसी अफवाह का असर बेहद तेजी से हो सकता है।

लखीसराय एसपी की छुट्टी पर भी उठे सवाल

राजकीय महोत्सव के मौके पर लखीसराय के एसपी के छुट्टी पर होने को लेकर भी सवाल उठाए गए। इस पर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर डीजीपी से बातचीत की है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से भी इस संबंध में चर्चा की गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के बाद किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और जहां भी जिम्मेदारी बनती है, वहां कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

फिलहाल अशोक धाम हादसे की जांच में CCTV फुटेज, बिजली के पोल की वास्तविक स्थिति, करंट फैलने की अफवाह और मौके पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था सबसे अहम कड़ियां बन गई हैं। अब जांच रिपोर्ट और CCTV फुटेज से ही यह साफ होगा कि भगदड़ की असली वजह क्या थी और इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदार कौन था।