लखीसराय : बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में तीसरी सोमवारी की सुबह हुई भगदड़ ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 6:40 बजे मंदिर परिसर में अचानक अफरा-तफरी मची और देखते ही देखते श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू हो गई। हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हुई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भगदड़ की असली वजह क्या थी?
हादसे को लेकर मुंगेर के कमिश्नर ने गंभीरता जताते हुए कहा कि घटना बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि हादसे के तत्काल कारण को लेकर अभी अंतिम रूप से कुछ कहना उचित नहीं होगा। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने का फैसला लिया है।
बिजली का तार गिरने की बात, लेकिन जांच में सामने आई नई तस्वीर
घटना के शुरुआती दौर में यह बात सामने आई थी कि मंदिर परिसर में बिजली का तार गिरने और करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में भगदड़ मची। इसी आशंका को हादसे की तत्काल वजह माना जा रहा था। हालांकि, मुंगेर कमिश्नर ने बताया कि घटनास्थल की जांच कराई गई है और बिजली का तार पूरी तरह कवर था।
यही वजह है कि अब प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि आखिर श्रद्धालुओं के बीच करंट फैलने या बिजली का तार गिरने की बात कैसे पहुंची और इसके बाद भीड़ में अचानक अफरा-तफरी क्यों मची। कमिश्नर के मुताबिक, घटनास्थल पर मौजूद और घायल श्रद्धालुओं से भी बातचीत की गई। घायल लोगों ने करंट लगने की बात से इनकार किया है। ऐसे में हादसे की वास्तविक वजह को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है।
घायलों से मिली जानकारी भी अहम
प्रशासन के सामने अब प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के बयान अहम कड़ी बन गए हैं। जिन लोगों ने अपनी आंखों के सामने भगदड़ को देखा, उनसे घटना के क्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। कमिश्नर ने साफ कहा कि तत्काल कारण के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि भगदड़ की शुरुआत किस वजह से हुई और देखते ही देखते इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैसे इसकी चपेट में आ गए।
एडीएम की अध्यक्षता में होगी जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए लखीसराय के डीएम को पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए अपर समाहर्ता (ADM) की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की जाएगी।जांच टीम घटनास्थल की स्थिति, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम, बिजली व्यवस्था, श्रद्धालुओं की आवाजाही और घटना के दौरान मौजूद प्रशासनिक व्यवस्था समेत तमाम पहलुओं की पड़ताल करेगी। जांच का सबसे अहम सवाल यही होगा कि हादसे के वक्त मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
क्या प्रशासनिक चूक हुई? जांच के बाद खुलेगा राज
हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना पहले से थी, तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? भगदड़ शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी? इन तमाम सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट में तलाशे जाएंगे।
मुंगेर कमिश्नर ने प्रशासनिक चूक के सवाल पर कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कहीं प्रशासनिक स्तर पर कोई लापरवाही हुई थी या नहीं। उन्होंने कहा कि डीएम को जांच का निर्देश दे दिया गया है और कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जो भी आवश्यक कदम होगा, वह उठाया जाएगा।
तीन गंभीर घायल पटना रेफर
हादसे में घायल श्रद्धालुओं में तीन लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। वहीं 23 घायल श्रद्धालुओं का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज पर नजर रखी जा रही है। गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पटना भेजा गया है।
सामान्य हुई स्थिति, फिर शुरू हुआ दर्शन
हादसे के बाद कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। कमिश्नर के अनुसार, अब घटनास्थल पर स्थिति सामान्य है और मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन फिर से शुरू कर दिए गए हैं।हालांकि, हादसे की भयावहता के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल अब भी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उस सुबह कुछ ही पलों में ऐसा क्या हुआ कि शिवभक्तों की भीड़ अचानक भगदड़ में बदल गई?अब इन सवालों का जवाब जांच कमेटी की रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने भी संकेत दिया है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अशोक धाम हादसे में अब असली चुनौती सिर्फ स्थिति सामान्य करना नहीं, बल्कि उस एक पल की सच्चाई सामने लाना है जिसने कई परिवारों को हमेशा के लिए गहरे दुख में डाल दिया।





