Bihar News: बिहार के किशनगंज में पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसपी संतोष कुमार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जिले में बेहतर पुलिसिंग और अनुशासन कायम करने को लेकर उन्होंने पिछले 90 दिनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार थानाध्यक्ष समेत 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं 38 पुलिसकर्मियों की सैलरी भी रोक दी गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, इस साल 10 जनवरी से 30 अप्रैल के बीच जिले में पुलिसिंग व्यवस्था की लगातार समीक्षा की गई। इस दौरान जिन पुलिसकर्मियों ने बेहतर काम किया, उन्हें सम्मानित किया गया, जबकि ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई।
एसपी संतोष कुमार ने जिले में कांडों के निष्पादन, सुपर पेट्रोलिंग, छापेमारी, विधि-व्यवस्था ड्यूटी और कार्यालय कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 194 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत किया। इन पुलिसकर्मियों को कुल 1 लाख 21 हजार 650 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
पुरस्कार पाने वालों में पुलिस अवर निरीक्षक और परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक के 42 कर्मी शामिल हैं, जिन्हें सबसे अधिक 65 हजार 500 रुपये की राशि दी गई। इसके अलावा 86 सिपाहियों को 17 हजार 500 रुपये, 18 गृह रक्षकों को 10 हजार 600 रुपये, 7 चौकीदारों को 7 हजार 700 रुपये और 4 डाटा एंट्री ऑपरेटरों को 8 हजार 400 रुपये देकर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षु सिपाही, चालक हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक और पीटीसी कर्मियों को भी पुरस्कार दिया गया।
दूसरी ओर, जिन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही, अनुशासनहीनता और वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना के आरोप मिले, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। एसपी ने चार थानाध्यक्षों सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें एक परिचारी, तीन पुलिस अवर निरीक्षक, दो सिपाही और दो चौकीदार भी शामिल हैं।
इतना ही नहीं, 38 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों का वेतन भी रोक दिया गया है। वहीं 9 पुलिसकर्मियों को निंदन और कलंक जैसी विभागीय सजा दी गई है। जिले में इस कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमे में काफी चर्चा है।
एसपी संतोष कुमार ने साफ कहा है कि आम लोगों का भरोसा पुलिस पर बना रहना चाहिए और इसके लिए विभाग के भीतर अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी किसी अनुचित कार्य में शामिल पाया जाता है, तो उसका ऑडियो या वीडियो सबूत सीधे उन्हें भेजें। ऐसे मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




