1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 02, 2026, 7:49:10 AM
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Bihar news : बिहार के सीमांचल में सुरक्षा को लेकर बड़ा ऑपरेशन चलाया जाएगा। यह अभियान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय दौरे के बाद केंद्रीय एजेंसियों द्वारा तैयार किए गए विस्तृत कार्ययोजना के तहत किया जाएगा। इसमें अवैध घुसपैठ, जाली भारतीय नोट, मानव व्यापार और नशीली दवाओं की तस्करी जैसी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऑपरेशन में एसएसबी, बीएसएफ, आईटीबीपी, एनआईए, ईडी, आईबी के साथ ही स्थानीय प्रशासन और बिहार पुलिस का सहयोग शामिल होगा।
सूत्रों के अनुसार, नेपाल से सटे बिहार के सीमाई इलाकों में एक सक्रिय तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है, जो न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है बल्कि क्षेत्रीय संतुलन को भी बिगाड़ रहा है। केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे आपस में इंटेलिजेंस साझा कर लाइव मॉनिटरिंग करें। एसएसबी, आईबी, बीएसएफ और आईटीबीपी तस्करी रूटों की निगरानी करेंगे, जबकि एनआईए और ईडी जाली नोट, मानव तस्करी और नारकोटिक्स के नेटवर्क की जांच करेंगे। बिहार पुलिस इसमें सहयोगी भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा, सीमाई क्षेत्रों के मदरसों की विदेशी फंडिंग पर भी नजर रखी जाएगी। खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि कुछ चीनी भाषा संस्थान केवल शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि सॉफ्ट वारफेयर और जासूसी के उद्देश्य से भी सक्रिय हैं। इनके प्रभावित लोगों की पहचान कर उनके बैकग्राउंड की जांच की जाएगी।
सीमा क्षेत्र में सुनियोजित रूप से स्थापित की गई अवैध बस्तियों को हटाने की योजना भी बनाई गई है। केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर सीमा के 10 किलोमीटर तक अवैध बस्तियों को हटाने का काम होगा। साथ ही, रोहिंग्या सक्रियता को देखते हुए किशनगंज जिले में सैन्य बलों की तैनाती बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है।
इस समन्वित अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल तस्करी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, बल्कि सीमाई क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना भी है। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से यह अभियान सीमांचल में अपराध और अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने में अहम साबित होगा।