1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 18, 2026, 10:44:09 AM
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Bihar News: बिहार के किशनगंज जिले के छह लोगों की मध्यप्रदेश के इंदौर में हुए एक भीषण अग्निकांड में जिंदा जलकर मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा बुधवार तड़के शहर के बंगाली चौराहे के पास स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब एक इलेक्ट्रिक कार में लगी आग ने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान के बाहर एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) रात में चार्जिंग पर लगाया गया था। तड़के करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई। आग तेजी से फैलती गई और कुछ ही मिनटों में उसने पूरे घर को घेर लिया। घटना के समय घर के अंदर मौजूद लोग गहरी नींद में थे, जिसके कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी इसकी चपेट में आ गए। इसके बाद एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई। विस्फोट इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया, जिससे अंदर फंसे लोगों के बचने की कोई संभावना नहीं रह गई।
इस भीषण हादसे में मृतकों की पहचान किशनगंज के टाउन थाना क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई है। मरने वालों में विजय सेठिया (65), छोटू सेठिया (22), सुमन (60), मनोज (65), सिमरन (30) और राशि सेठिया (12) शामिल हैं। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है, जो स्थानीय निवासी बताया जा रहा है। वहीं, इस घटना में तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
जानकारी के मुताबिक, विजय सेठिया एक कॉस्मेटिक व्यवसायी थे और वे अपनी खराब तबीयत के इलाज के लिए परिवार के साथ इंदौर आए हुए थे। वे यहां अपने रिश्तेदार के घर ठहरे हुए थे। बताया जा रहा है कि परिवार एक सदस्य की कैंसर सर्जरी के सिलसिले में भी यहां आया था। ऐसे में यह हादसा न केवल एक दुर्घटना, बल्कि एक पूरे परिवार के लिए असहनीय त्रासदी बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। राहत और बचाव कार्य के दौरान जले हुए शवों को बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
यह घटना इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के दौरान सुरक्षा उपायों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि चार्जिंग सिस्टम की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
फिलहाल, इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और मातम का माहौल है। एक ही परिवार के इतने लोगों की असामयिक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।