1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Thu, 08 Jan 2026 12:17:53 PM IST
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Bihar Education News: शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर सरकारी राशि की लूट हुई थी. कई जिलों में बेंच-डेस्क खऱीद से लेकर अन्य योजनाओं में अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकारी राशि का बंदरबांट हुआ था. किशनगंज के जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर जिले के पूर्व व वर्तमान जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत चार अफसर सस्पेंड हुए थे.
बेंच-डेस्क खरीद में बड़े खेल का हुआ था खुलासा
किशनगंज के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी सुभाष कुमार गुप्ता जो उस समय गोपालगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारी थे, उन्हें भी सस्पेंड किया गया. किशनगंज के डीएम ने 21 जून 2024 को शिक्षा विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी. विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन में बरती गई अनियमितता की जांच के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई थी. कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट दिया. उस रिपोर्ट के अनुसार किशनगंज जिले में बेंच डेस्क योजना, विद्यालय जीर्णोद्धार, प्री फैब स्ट्रक्चर निर्माण, आईसीटी लैब की स्थापना, नाइट गार्ड की बहाली,पेयजल योजना एवं हाउसकीपिंग योजना के तहत वेंडर चयन एवं भुगतान में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी की गई. जिससे वित्तीय अनियमितता हुई है. ऐसे में तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी सुभाष कुमार गुप्ता, 2024 में किशनगंज जिले में पदस्थापित जिला शिक्षा पदाधिकारी मोतिउर रहमान, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) राजेश कुमार सिंह और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा सूरज कुमार झा को निलंबित किया गया था.
डीईओ को 1 जुलाई 2024 को किया गया था सस्पेंड
शिक्षा विभाग ने किशनगंज के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी मोतिउर रहमान को 1 जुलाई 2024 को निलंबित किया था. लगभग एक साल निलंबित रखने के बाद इन्हें 30 जून 2025 को निलंबन मुक्त किया गया था. शिक्षा विभाग ने इनके खिलाफ 13 नवंबर 2024 के प्रभाव से अनुशासनिक कार्यवाही संचालित किया. विभागीय कार्यवाही में किशनगंज के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी मोतिउर रहमान के खिलाफ प्रशासनिक चूक के आरोप प्रमाणित पाए गए. इसके बाद उन्हें कालमान वेतन में एक निम्नतर प्रक्रम पर अवनति का दंड दिया गया .
निलंबन अवधि का वेतन नहीं मिलेगा
किशनगंज के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी मोतिउर रहमान सेवा निवृत हो चुके हैं. ऐसे में शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि उनके निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त अन्य लाभ देय नहीं होगा. हालांकि निलंबन अवधि को पेंशन योजना के तहत गणना की जाएगी.