ब्रेकिंग
खुली चुनौती: पटना में अपराधियों ने ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के मालिक को गोलियों से भूना....✦DGP विनय कुमार ने लिया VRS, सरकार ने दी स्वीकृति✦हरलाखी में AC लगाने गए टेक्नीशियन की करंट लगने से मौत, बेनीपट्टी के युवक ने गंवाई जान✦बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦खुली चुनौती: पटना में अपराधियों ने ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के मालिक को गोलियों से भूना....✦DGP विनय कुमार ने लिया VRS, सरकार ने दी स्वीकृति✦हरलाखी में AC लगाने गए टेक्नीशियन की करंट लगने से मौत, बेनीपट्टी के युवक ने गंवाई जान✦बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन

किडनी कांड मामला: NHRC ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को जारी किया नोटिस, चार हफ्ते में मांगा जवाब

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर में हुए किडनी कांड में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया है। प्रधान सचिव को चार हफ्ते के अंदर जवाब देने को क

किडनी कांड मामला: NHRC ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को जारी किया नोटिस, चार हफ्ते में मांगा जवाब
First Bihar
2 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर में हुए किडनी कांड में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया है। प्रधान सचिव को चार हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा गया है। विदित हो कि पीड़ित महिला सुनीता देवी के ओवरी के ऑपरेशन के दौरान दोनों किडनी निकाल लिए गए थे। इसी मामले में मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल की थी और मामले में संलिप्त आरोपितों की अविलम्ब गिरफ़्तारी की मांग की थी। इसपर कार्रवाई करते हुए आयोग नें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया है। 



आपको बता दें, जिले के सकरा थाने के मथुरापुर गांव की रहने वाली सुनीता देवी को पेट में दर्द था, जिसका इलाज बरियारपुर के शुभकान्त क्लिनिक में डॉक्टर पवन कुमार से कराया गया। डॉक्टर पवन कुमार ने महिला के गर्भाशय में ट्यूमर होने की बात कही और 3 सितम्बर को महिला का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद सुनीता की तबियत बिगड़ने लगी, शरीर में सूजन होने लगा। तब जाकर महिला के परिजनों के द्वारा मुजफ्फरपुर के एस.के.एम.सी.एच. में सुनीता का सी.टी. स्कैन कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में दोनों किडनी निकाली जाने की बात सामने आई। 



ऑपरेशन के दौरान किडनी गायब होने की एफ.आई.आर. के बाद प्रशासनिक अधिकारी सकते में आये और जांच शुरू हुई। इसी दौरान पता चला कि उक्त क्लिनिक सरकार के मानदंड के अंतर्गत कार्य नहीं कर रही हैं। विदित हो कि इस मामले में बिहार मानवाधिकार आयोग द्वारा पूर्व में एक नोटिस जारी की जा चुकी है और जिला प्रशासन से रिपोर्ट की मांग की गयी है। 



मामले को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता झा ने कहा कि यह मानवाधिकार उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला है, जिसमें दोषियों के विरुद्ध कड़ी-से-कड़ी कार्रवाई करने की नितांत आवश्यकता है।

टैग्स