ब्रेकिंग
पटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनापटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

बिहार : बिना जांच किए ही 3 महिलाओं को कोरोना संक्रमित बता आइसोलेशन वार्ड में किया भर्ती

KHAGADIYA : एक तरफ जहां बिहार में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है तो वहीं स्वास्थ्य विभाग की कई लापरवाही भी सामने आ रही है. ताजा मामला खगड़िया के गोगरी अनुमंडल की है. जहां बिना

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

KHAGADIYA : एक तरफ जहां बिहार में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है तो वहीं स्वास्थ्य विभाग की कई लापरवाही भी सामने आ रही है. ताजा मामला खगड़िया के गोगरी अनुमंडल की है. जहां बिना सैंपल लये ही तीन महिलाओं को कोरोना पॉजिटिव बता दिया गया और उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने का मामला सामने आया है.

जिसके बाद यह पूरा मामला डीएम के पास पहुंचा, और फिर आनन-फानन में  सिविल सर्जन ने गोगरी रेफरल अस्पताल को पत्र भेज कर तीन दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी है.सीएस ने पत्र में गोगरी प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को लिखा है कि कोरोना जांच सैंपलिंग के दौरान मानक का पालन नहीं किया जा रहा है. इसके कारण जिनका सैंपल नहीं लिया गया उनकी भी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गयी़  इस प्रकार की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. 

बताया जा रहा है कि 30 जून को मदारपुर विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना जांच के लिए सैंपल कलेक्शन शिविर आयोजित किया था.इस दौरान आशा को जिम्मेदारी दी गई थी कि इलाके के गर्भवती महिलआओं को शिवर तक लाना था. आशा ने बताया कि मदारपुर वार्ड नंबर सात की तीनों महिलाओं को जांच के लिए वह शिविर तक लायी थी, लेकिन बीच में ही तीनों महिलाएं शिविर छोड़ कर घर लौट आयी. जिसके कारण इनका सैंपल नहीं लिया जा सका था. इसी बीच चार जुलाई को इन तीन महिलाओं को कोरोना पॉजिटिव बताते हुए स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल ले गए. आशा का कहना है कि सच बताने पर उब उसपर जबाव बनाया जा रहा है. 


संबंधित खबरें