ब्रेकिंग
नेपाल में भारी बारिश के बाद बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग; 17 जिलों में विशेष निगरानी के निर्देश✦Bihar News : नेपाल में भर बारिश से बिहार पर तबाही का साया! गंडक-कोसी-बागमती में भीषण बाढ़ का खतरा, 17 जिलों में हाई अलर्ट✦Bihar Train Cancelled : बिहार आने-जाने वाले यात्री ध्यान दें! 51 ट्रेनें रद्द, 47 डायवर्ट; देखें पूरी लिस्ट✦Bihar News : सुपौल में आधी रात घर में घुसे 2 अपराधी, सो रही महिला को मारी गोली; पैर के आर-पार हुई बुलेट✦Bihar Flood: बारिश से बिहार में बिगड़े हालात, 50 गांवों में घुसा पानी; कोसी-गंडक-बागमती का बढ़ा दबाव✦नेपाल में भारी बारिश के बाद बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग; 17 जिलों में विशेष निगरानी के निर्देश✦Bihar News : नेपाल में भर बारिश से बिहार पर तबाही का साया! गंडक-कोसी-बागमती में भीषण बाढ़ का खतरा, 17 जिलों में हाई अलर्ट✦Bihar Train Cancelled : बिहार आने-जाने वाले यात्री ध्यान दें! 51 ट्रेनें रद्द, 47 डायवर्ट; देखें पूरी लिस्ट✦Bihar News : सुपौल में आधी रात घर में घुसे 2 अपराधी, सो रही महिला को मारी गोली; पैर के आर-पार हुई बुलेट✦Bihar Flood: बारिश से बिहार में बिगड़े हालात, 50 गांवों में घुसा पानी; कोसी-गंडक-बागमती का बढ़ा दबाव

खगड़िया: महिलाओं के ऑपरेशन मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान, CS को लेटर लिखकर कर दी ये मांग

KHAGARIA : खगड़िया में महिलाओं को बिना बेहोश किए ऑपरेशन मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने बड़ा संज्ञान लिया है। आयोग के तरफ से बिहार के मुख्य सचिव को लेटर लिखा गया है। पत्र में महिल

खगड़िया: महिलाओं के ऑपरेशन मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान, CS को लेटर लिखकर कर दी ये मांग
First Bihar
2 मिनट

KHAGARIA : खगड़िया में महिलाओं को बिना बेहोश किए ऑपरेशन मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने बड़ा संज्ञान लिया है। आयोग के तरफ से बिहार के मुख्य सचिव को लेटर लिखा गया है। पत्र में महिलाओं के साथ किये गए अमानवीय व्यवहार के लिए एक्शन लेने की मांग की है। दरअसल, यहां लगभग 50 महिलाओं को बिना बेहोश किये या एनेस्थीसिया दिये ऑपरेशन कर दिया गया था। महिलायें दर्द से बिलबिलाती रहीं तो स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उनका हाथ पैर पकड़ कर मुंह में रूई ठूंस दिया था ताकि वे चीख-चिल्ला नहीं सके। 



जब इस मामले पर हंगामा तेज़ हुआ तब अधिकारियों की नींद खुली। कल यानी गुरुवार को सिविल सर्जन मामले की जांच करने अलौली पहुंचे थे। उन्होंने जांच करने की बात कही थी। उनके तरफ से यह भी कहा गया था कि मामले की जांच होगी और जो भी इसमें दोषी होंगे इसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। वहीं, अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मुख्य सचिव को लेटर लिखकर जांच की मांग कर दी है। 



गौरतलब है कि खगड़िया जिले के दो प्रखंडों में सरकार की ओर से महिलाओं के बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए कैंप लगाया गया था। दोनों प्रखंडों में सरकारी कैंप में पहुंची महिलायें अपनी आपबीती सुना रही हैं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें बिना सुन्न किए यानि बगैर एनेस्थीसिया दिए नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया। इस दौरान जब वह दर्द से चिल्लाने लगीं तो उनका मुंह दबाकर बंद कर दिया गया। महिलाओं का कहना है कि सरकार के नसबंदी शिविर में ऑपरेशन का कोई इंतजाम ही नहीं था। एनेस्थीसिया न होने के कारण ऑपरेशन के दौरान मेडिकल स्टॉफ ने महिलाओं के हाथ, पैर कसकर पकड़ लिए और मुंह में रूई ठूंसकर बंद कर दिया ताकि चीख न सकें। इसी अमानवीय तरीके से लगभग 50 महिलाओं का ऑपरेशन किया गया।  

टैग्स