KATIHAR: इस वक्त की बड़ी खबर कटिहार से आ रही है, जहां कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुराबगंज के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और ऑटो के बीच सीधी टक्कर हो गयी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में ऑटो सवार 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से 5 लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा बेहद खौफनाक था। तेज रफ्तार वाहनों की भिड़ंत की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गयी। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला और मलबे में तब्दील हो चुके ऑटो से खून से लथपथ लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।
सभी घायलों को आनन-फानन में कोढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रुप से घायल 10 लोगं को पूर्णिया हायर सेंटर रेफर कर दिया। घायलों की पहचान हो गयी है। छोटी कुमारी 22 वर्ष दोगच्छी, पूर्णिया, आरती कुमारी30 वर्षमाहिनाथपुर (वार्ड-5), आशुतोष सिन्हा 55 वर्ष मड़वा, रिचा प्रिया 7 वर्ष मोरसंडा, पार्वती देवी 32 वर्ष मोरसंडा, काजल कुमारी 21 वर्ष, मो. चांद 38 वर्ष मधुबनी, पूर्णिया, अजय कुमार-मूसापुर, सिंटू कुमार महतो 16 वर्ष मोरसंडा, पिंटू कुमार महतो 17 वर्ष मोरसंडा के रूप में हुई है।
कोढ़ा CHC के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गिरीश चंद्र ने बताया कि अस्पताल आए सभी 10 मरीजों का प्राथमिक उपचार किया गया है। इनमें से 5 की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। सभी घायलों को पूर्णिया रेफर किया गया है।घटना की जानकारी लगते ही कोढ़ा थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाया और जाम लगे यातायात को बहाल कराया। पुलिस ने दोनों गाड़ियों को जब्त कर लिया है और मामले की तफ्तीश में जुट गई है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह अंधाधुंध रफ्तार और लापरवाही बताई जा रही है।
इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जुराबगंज का यह इलाका 'डेथ जोन' बनता जा रहा है और यहाँ पहले भी कई जिंदगियां काल के गाल में समा चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि NH-31 पर तत्काल सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए नियमित चेकिंग अभियान चले। दुर्घटना संभावित जगहों (ब्लैक स्पॉट्स) पर चेतावनी संकेतक (Sign Boards) लगाए जाएं। इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही घायलों के घर पहुंची, परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल, पूर्णिया के अस्पतालों में डॉक्टरों की विशेष टीम घायलों की जान बचाने में लगी है।




