ब्रेकिंग
‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश

मनिहारी–साहिबगंज फेरी सेवा बंद, बिहार-झारखंड के बीच आवाजाही और व्यापार प्रभावित; दो बार टेंडर के बावजूद नहीं मिला संचालक

Bihar Jharkhand Ferry Service Closed: बिहार-झारखंड को जोड़ने वाली मनिहारी–साहिबगंज फेरी सेवा 1 अप्रैल 2026 से बंद है। दो बार निविदा के बावजूद संचालक नहीं मिलने से यात्री और व्यापार प्रभावित हो रहे हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

Bihar Jharkhand Ferry Service Closed
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Jharkhand Ferry Service Closed: बिहार और झारखंड को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण मनिहारी–साहिबगंज फेरी सेवा 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह बंद है। संचालक नहीं मिलने के कारण यह सेवा ठप हो गई है, जिससे दोनों राज्यों के बीच यात्री और मालवाहक परिवहन पर गंभीर असर पड़ा है।


जिला प्रशासन ने फेरी सेवा के संचालन के लिए अब तक दो बार निविदा जारी की, लेकिन किसी भी बोलीदाता ने रुचि नहीं दिखाई। इसके कारण सेवा को शुरू नहीं किया जा सका है। प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है।


मनिहारी–साहिबगंज फेरी सेवा को बिहार और झारखंड के बीच एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा माना जाता था। इसके बंद होने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों और मालवाहक वाहनों पर बड़ा असर पड़ा है। अब लोगों को लंबा सड़क मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ गए हैं। छोटे व्यापारियों का कहना है कि माल ढुलाई में देरी और बढ़े हुए खर्च से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। कई क्षेत्रों की आपूर्ति श्रृंखला भी बाधित हुई है।


यह फेरी सेवा हर दो साल में बारी-बारी से साहिबगंज और कटिहार जिला प्रशासन द्वारा संचालित की जाती है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए यह जिम्मेदारी साहिबगंज प्रशासन के पास थी, लेकिन उस दौरान भी निजी संचालकों ने रुचि नहीं दिखाई थी और सरकारी निगरानी में सेवा चलाई गई थी। अब 2026-27 और 2027-28 की बंदोबस्ती कटिहार जिला प्रशासन को करनी है।


जिला प्रशासन का कहना है कि फेरी सेवा को जल्द बहाल करने के लिए नई निविदा प्रक्रिया पर पुनः विचार किया जा रहा है, ताकि कोई योग्य एजेंसी सामने आ सके और संचालन शुरू हो सके। अधिकारियों के अनुसार, यदि जल्द कोई संचालक नहीं मिलता है तो वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता