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टूटी पटरी से गुजरी डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन! लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा रेल हादसा

कटिहार के सेमापुर स्टेशन पर डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस टूटी पटरी से गुजर गई, लेकिन लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन की धीमी रफ्तार के बीच चालक ने असामान्य आवाज सुनकर इमरजेंसी ब्रेक लगाया।

Bihar News
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार के कटिहार स्थित सेमापुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। ट्रेन संख्या 15904 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस गंभीर रूप से टूटी पटरी से गुजर गई, लेकिन लोको पायलट की सतर्कता और सूझबूझ के चलते सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।



घटना सुबह करीब नौ बजे की बताई जा रही है। डिब्रूगढ़ से चंडीगढ़ जा रही ट्रेन जब सेमापुर स्टेशन के यार्ड क्षेत्र में प्रवेश कर रही थी, तभी इंजन और उसके पीछे की एक बोगी टूटे ट्रैक के हिस्से से गुजर गई। इसी दौरान लोको पायलट को पहिए के नीचे से असामान्य खटखटाहट की आवाज सुनाई दी। खतरे का अंदेशा होते ही उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।



इस घटना में ट्रेन की कम रफ्तार भी अहम साबित हुई। जानकारी के मुताबिक, सेमापुर स्टेशन पर पीछे से आ रही राजधानी एक्सप्रेस को पास देने के लिए डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस को लूप लाइन में ले जाना था। इसी वजह से ट्रेन पहले से ही धीमी गति से स्टेशन की ओर बढ़ रही थी। अगर ट्रेन सामान्य रफ्तार से चल रही होती तो टूटी पटरी से गुजरने के दौरान बोगियों के बेपटरी होने का खतरा काफी बढ़ सकता था। लोको पायलट की तत्परता और ट्रेन की धीमी गति ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।



ट्रेन रोकने के बाद लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन के गार्ड और सेमापुर स्टेशन मास्टर को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही रेल प्रशासन और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। सीडब्ल्यूसीआई प्रेम प्रकाश, यूएसडी अमृत सागर और बिहपुर-सेमापुर रेल आरपीएफ ओपी प्रभारी मनोज कुमार सिंह तकनीकी टीम और जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। रेल इंजीनियरों ने टूटे ट्रैक को सुरक्षित करने के लिए क्लैंप और फिश प्लेट लगाकर उसे अस्थायी रूप से मजबूत किया।



ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा जांच के चलते डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक घटनास्थल पर खड़ी रही। ट्रैक को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ट्रेन को कॉशन यानी बेहद धीमी गति से आगे रवाना किया गया। ट्रेन के सुरक्षित निकल जाने के बाद इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने टूटे हिस्से की वेल्डिंग कर ट्रैक की स्थायी मरम्मत की।



आरपीएफ ओपी प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पटरी में दरार और टूटाव आने के कारण लोको पायलट ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को रोक दिया था। रेल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक को दुरुस्त कर दिया है। मरम्मत के बाद रेलखंड पर परिचालन सामान्य हो गया है। फिलहाल रेल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और लोको पायलट की सतर्कता के कारण एक संभावित बड़े रेल हादसे को टाल दिया गया।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता