1st Bihar Published by: SONU Updated Apr 05, 2026, 9:24:36 AM
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BIHAR POLICE : कटिहार के फलका थाना में हुए बवाल की पूरी कहानी तब पलट गई, जब थाने के अंदर लगे CCTV कैमरों ने सच सामने ला दिया। जिस मौत को लेकर पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाकर भीड़ ने तांडव मचाया, वही घटना CCTV फुटेज में आत्महत्या निकली। लेकिन अफवाह इतनी तेज थी कि सच्चाई सामने आने से पहले ही गुस्साई भीड़ ने थाना को रणक्षेत्र बना दिया।
दरअसल, कटिहार के फलका थाना में एक आरोपी राजेश यादव की मौत के बाद यह खबर फैल गई कि पुलिस की पिटाई से उसकी जान गई है। देखते ही देखते यह बात आग की तरह फैल गई और सैकड़ों की संख्या में लोग थाना पहुंच गए। गुस्से से उबल रही भीड़ ने बिना किसी पुष्टि के कानून को अपने हाथ में ले लिया।
आक्रोशित लोगों ने थाना परिसर में घुसकर जमकर हंगामा किया। पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, पथराव किया गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। स्थिति तब और भयावह हो गई जब उपद्रवियों ने एक पुलिसकर्मी की SLR 7.62 राइफल छीन ली। हालांकि बाद में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस राइफल को बरामद कर लिया।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच जब पुलिस ने थाने के CCTV फुटेज की जांच की, तो मामला पूरी तरह बदल गया। फुटेज में साफ दिख रहा है कि राजेश यादव हाजत के अंदर अकेला था और उसने खुद ही चादर का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। यानी जिस घटना को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे थे, वह दरअसल आत्महत्या का मामला निकला। इस खुलासे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या अफवाह के आधार पर इतनी बड़ी हिंसा जायज थी?
मामले पर कटिहार के एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि राजेश यादव को एक लूट के मामले में 3 तारीख को थाना लाया गया था। 4 तारीख को सूचना मिली कि उसने हाजत में फांसी लगाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली, उसे तुरंत स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एसपी ने कहा कि CCTV जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि मृतक ने खुद ही फांसी लगाई थी। फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
घटना के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए थाना प्रभारी और इस केस से जुड़े जांच अधिकारी को तत्काल निलंबित कर दिया है। वहीं सदर डीएसपी-2 को पूरे मामले की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस पर हमले को लेकर भी प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। CCTV फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि अफवाहें किस तरह हालात को बेकाबू बना सकती हैं। एक ओर जहां CCTV ने सच्चाई उजागर कर दी, वहीं दूसरी ओर भीड़ का उग्र रूप कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।