ब्रेकिंग
मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

Bihar News: बिहार के वर्ल्ड क्लास हेल्थ सिस्टम का हाल देखिए, मौत के बाद भी नहीं मिली एम्बुलेंस; डेड बॉडी को ठेले पर लादकर घर ले गए परिजन

KATIHAR: बिहार में सरकारें आईं और गईं लेकिन नहीं बदली तो राज्य के सरकारी अस्पतालों की सूरत। यूं तो बिहार की सरकार राज्य के लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का दावा

Bihar News: बिहार के वर्ल्ड क्लास हेल्थ सिस्टम का हाल देखिए, मौत के बाद भी नहीं मिली एम्बुलेंस; डेड बॉडी को ठेले पर लादकर घर ले गए परिजन
Mukesh Srivastava
2 मिनट

KATIHAR: बिहार में सरकारें आईं और गईं लेकिन नहीं बदली तो राज्य के सरकारी अस्पतालों की सूरत। यूं तो बिहार की सरकार राज्य के लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का दावा करते नहीं थकती है लेकिन कटिहार सदर अस्पताल से सामने आई तस्वीर दावों की पोल खोलती दिख रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की यह कोई पहली तस्वीर नहीं है बल्कि अक्सर ऐसे नजारे अखबारों की सुर्खियां बनते हैं।


दरअसल, कटिहार सदर अस्पताल एक बार फिर अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में है। कहने को तो यह जिले का एक मात्र बड़ा अस्पताल है और तमाम तरह के आधुनिक संसाधनों से लेश लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अस्पताल प्रशाशन की लचर व्यवस्था के कारण इसे हर बार शर्मशार होना पड़ता है।


हालात ये हैं कि सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती मरीज की मौत के बाद उसे घर तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस तक मयस्सर नहीं हो सका और परिजन मरीज के मृत शरीर को ठेले पर लाद कर अपने घर ले गए। कटिहार के नया टोला फुलवाड़ी के रहने वाले 60 वर्षीय शहदीप राय को जोंडिस के इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


मरीज की मौत के बाद उसके परिजन एम्बुलेंस के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस रहते हुए भी मरीज के परिजन को उपलब्ध नहीं कराया सके और परिजन मृतक मरीज के शव को ठेले पर लादकर अस्पताल से घर ले गए। अब जिले के लोग सरकार और स्वास्थ्य विभाग से सवाल पूछ रहे हैं कि हालात कब बदलेंगे।

रिपोर्टिंग
S

रिपोर्टर

SONU

FirstBihar संवाददाता