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सरकार के बिजली पहुंचाने के दावे हवा-हवाई, जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे रह रहे लोग

KAIMUR : सरकार हर घर बिजली पहुंचाने का दावा कर रही है लेकिन कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड का जिगनपुरवा गांव आज भी जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे बिजली जला रहा है। हल्की हवा और पानी में जुग

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KAIMUR : सरकार हर घर बिजली पहुंचाने का दावा कर रही है लेकिन कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड का जिगनपुरवा गांव आज भी जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे बिजली जला रहा है। हल्की हवा और पानी में जुगाड़ टेक्नोलॉजी फेल हो जाता है फिर बिजली विभाग के कर्मी तो नहीं पहुंचते ग्रामीण खुद जुगाड़ टेक्नोलॉजी को सही करने के लिए पहुंच जाते हैं और बिजली दुरुस्त कर उपयोग करते हैं ।


आपको बता दें कि जिगिनपुरवा गांव में बांस बल्ले के सहारे तीन किलोमिटर दूर से ग्रामीण बिजली पहुंचाते हैं. जिससे वह खेती के लिए मोटर भी चलाते हैं और घरों में बिजली भी जलाते हैं, लेकिन हल्की हवा और बारिश होने के बाद बांस और बल्ले खेतों में गिर जाते हैं फिर ग्रामीण शटडाउन लेकर बांस बल्ले को फिर से सही करते हैं और बिजली जलाते हैं.


बिजली विभाग इन ग्रामीणों का बिजली बिल तो भेजता है और ग्रामीण बिजली बिल भी जमा करते हैं उसके बावजूद भी अभी तक गांव में बिजली सरकारी तार पोल से नहीं पहुंच पाई है. बिजली कंपनी द्वारा अधूरा काम कर छोड़ दिया गया है जिसमें गांव में ट्रांसफार्मर लगा दिए गए हैं, पोल खड़ा कर दिया गया है लेकिन पोल पर तार नहीं डाले गए हैं. वहीं बिजली विभाग के अधिकारी अगले 15 दिनों में बिजली का कार्य पूरा करा कर सरकारी पोल से बिजली चालू कराने का दावा कर रहे हैं. 


बिजली विभाग के मोहनिया एसडीओ बताते हैं कि गांव वाले बांस बल्ले के सहारे बिजली का उपयोग कर रहे हैं जिसका प्रॉपर बिलिंग भभुआ फीडर से हो रहा है. परियोजना द्वारा जानकारी लेने पर पता चला कि काम करा रही कंपनी अधूरा काम छोड़ कर भाग गई है, तो मेरे संज्ञान में मामला पहले नहीं था आपके द्वारा लाया गया है और यह 15 दिनों में हर हाल में बिजली सरकारी तार पोल से गांव में पहुंच जाएगी.