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बीमार बेटे के इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा पिता, प्रशासन बना अंजान

KAIMUR : कैमूर जिले के नुआंव प्रखंड के रामपुर में एक मजदूर पिता अपने बेटे के इलाज कराने के लिए दर-दर की ठोकर खा रहा है. अधिकारी से लेकर मंत्रियों तक रो-रोकर बेटे का इलाज कराने की ग

बीमार बेटे के इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा पिता, प्रशासन बना अंजान
First Bihar
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KAIMUR : कैमूर जिले के नुआंव प्रखंड के रामपुर में एक मजदूर पिता अपने बेटे के इलाज कराने के लिए दर-दर की ठोकर खा रहा है. अधिकारी से लेकर मंत्रियों तक रो-रोकर बेटे का इलाज कराने की गुहार लगा रहा है लेकिन उसका कोई आज मदद करने को तैयार नहीं है. अंत में थक हारकर गांव वाले चंदा इकट्ठा कर बेटे के इलाज कराने में मदद कर रहे हैं लेकिन उनकी मदद नाकाफी साबित हो रही है. 


मजदूर पिता बताते हैं कि वो मेहनत मजदूरी करते हैं. किसी तरह दो वक्त के भोजन का जुगाड़ कर पाते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी तीन लड़की और एक लड़का है. लड़के के हड्डी में घाव हो गया है जिसके इलाज के लिए उसे पीएचसी, सदर अस्पताल तक गए लेकिन यहां इलाज संभव नहीं होने के कारण उसको पटना रेफर कर दिया गया. उन्होंने बताया कि पटना उनके घर से बहुत दूर है और दवाइयां महंगी होने के कारण वह वापस घर आना पड़ा. फिर उन्हें वाराणसी ट्रामा सेंटर भेज दिया गया. लेकिन वहां की भी दावा का कुछ खास असर नहीं हुआ.


उन्होंने डीएम से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक से मदद की गुहार लगाई है लेकिन अबतक कोई पहल नहीं की गई है. वहीं गांव वाले बताते हैं कि यह बहुत गरीब परिवार है मजदूरी करते हैं तो घर का खर्च चलता है. जिस दिन मजदूरी नहीं करते उस दिन घर में खाना तक नहीं बनता. उनके बेटे का इलाज महंगा होने के कारण यह सक्षम नहीं हो पाते हैं. गांव वाले चंदा करके इलाज करा रहे हैं लेकिन कितने दिनों तक गांव वाले सहयोग करेंगे. सभी ने मिलकर सरकार से मदद की गुहार लगाई है. 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Ranjan Kumar

FirstBihar संवाददाता