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Bihar News: 'मंत्री का प्रचार किया तो छह इंच छोटा कर देंगे', बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नक्सली पर्चा और धमकी मिलने से दहशत

Bihar News: बिहार में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राज्य की राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख दल सक्रिय मोड में नजर आ रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच जमुई जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है।

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PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Bihar News: बिहार में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राज्य की राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख दल सक्रिय मोड में नजर आ रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच जमुई जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। मंगलवार सुबह चिहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरमोरिया पंचायत के रक्खा टोला गांव के पास स्थित एक मैदान में लाल स्याही से लिखा हुआ पर्चा और काला झंडा बरामद किया गया। यह क्षेत्र बिहार-झारखंड सीमा से सटा हुआ है और पहले भी यहां माओवादी गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही है।


ग्रामीणों के अनुसार, जब गांव के कुछ युवक सुबह फुटबॉल खेलने मैदान पहुंचे तो उन्होंने वहां एक काले झंडे को जमीन में गड़ा हुआ देखा। उसके पास ही दो पर्चे, सफेद पाउडर से बनी आकृति और सिंदूर से बनाए गए चिह्न दिखाई दिए। मैदान में कई कागज़ के टुकड़े और नाश्ते के सामान भी बिखरे हुए थे, जिससे प्रतीत होता है कि यह कोई सोची-समझी साजिश हो सकती है।


सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन पर्चों में 13 लोगों को धमकी दी गई है कि अगर वे "नहीं सुधरे" तो उन्हें "छह इंच छोटा" कर दिया जाएगा, जो कि एक स्पष्ट हत्या की धमकी है। पर्चे में लिखा है कि "मंत्री का प्रचार किया तो छह इंच छोटा कर देंगे"। इन पर्चों में राज्य के ऊर्जा मंत्री और चकाई से विधायक सुमित कुमार सिंह तथा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी पोलुस का नाम भी स्पष्ट रूप से दर्ज है। पर्चे के ऊपर भाकपा माओवादी लिखा हुआ है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह कृत्य नक्सलियों द्वारा किया गया है।


हालांकि प्रशासन ने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि ये पर्चे व झंडा वास्तव में माओवादियों के ही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह वास्तविक नक्सली गतिविधि है या राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोई साजिश। सूचना मिलने पर चिहरा थाना की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पर्चे तथा झंडे को जब्त कर लिया। इसके साथ ही झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार और चिहरा थानाध्यक्ष विद्यारंजन कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, और अगर यह नक्सली हरकत पाई जाती है, तो उच्चस्तरीय कार्रवाई की जाएगी।


चुनाव के मद्देनज़र इस तरह की धमकियों और संदिग्ध गतिविधियों से सीमावर्ती इलाकों में राजनीतिक माहौल बिगड़ने की आशंका है। खासकर तब, जब पर्चे में चुनाव प्रचार से जुड़ी चेतावनियाँ दी गई हों। इससे यह स्पष्ट है कि कुछ असामाजिक तत्व चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहते हैं। पुलिस द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है, और आस-पास के गांवों में सतर्कता अभियान शुरू कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


बिहार-झारखंड सीमा पर नक्सल प्रभावित इलाकों में इस तरह की घटनाएँ चुनाव से पहले राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती हैं। प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि वह न केवल धमकी देने वालों की पहचान करे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करे कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।