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Bihar education department: , मौत के दो साल बाद भी नहीं मिली शांति! बिहार में शिक्षा विभाग ने मृतक से मांगा स्पष्टीकरण!

Bihar education department: बिहार के जमुई ज़िले में शिक्षा विभाग की लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। विभाग ने एक ऐसे शिक्षक को कारण बताओ नोटिस भेज दिया जो दो साल पहले ही इस दुनिया से जा चुका है।

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शिक्षा विभाग लापरवाही का उदाहरण
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Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

Bihar education department: जमुई के लक्ष्मीपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय रामचंद्रपुर में कार्यरत शिक्षक मनोज कुमार सिंह का निधन 2021 में ही हो चुका है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने उन्हें 2024 में नोटिस भेजकर पूछा कि उन्होंने विभागीय समीक्षा के दौरान उपस्थित होकर जवाब क्यों नहीं दिया।


इस ग़लती के सामने आने के बाद विभाग की काफी आलोचना हो रही है। स्वर्गीय शिक्षक के बेटे ने बताया कि यह उनके परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षण था। उन्होंने कहा कि जब एक मृत व्यक्ति को जीवित मानकर नोटिस भेजा जाता है, तो यह न केवल प्रशासन की विफलता है, बल्कि संवेदनहीनता भी दर्शाता है।


प्रशासन की प्रतिक्रिया:

शिक्षा विभाग ने इसे एक तकनीकी गलती बताया है और मामले की जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई है। बिहार जैसे राज्य में जहां शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बात की जाती है, वहाँ ऐसी घटनाएं व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता की कितनी आवश्यकता है।