1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 15, 2025, 10:25:25 PM
नुक्कड़ नाटक का आयोजन - फ़ोटो REPOTER
JEHANABAD: मंगलवार को जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के गुलाबगंज बाजार और नारायणपुर पंचायत में राजद नेत्री आभा रानी के नेतृत्व में “बिहार बदलने” की पुकार के साथ एक प्रभावी नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस नाटक के माध्यम से बिहार सरकार के खोखले विकास के दावों की पोल खोली गई और लोगों को तेजस्वी यादव के विजन व संकल्पों से अवगत कराया गया। नाटक का मंचन पटना के लोक पंच नाम की संस्था द्वारा किया गया।
नाटक की शुरुआत “सुन माई बाहिनी, अबकी पुकार, बिहार में बनव RJD सरकार” के नारे के साथ हुई, जिसने वहां मौजूद महिलाओं और युवाओं में ऊर्जा भर दी। नाटक में सबसे पहले बिहार में बढ़ती बेरोजगारी, पलायन और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गिरती गुणवत्ता को दर्शाया गया। इसके बाद नल-जल योजना में घोटाले, अधूरी सड़कें, बंद पड़ी योजनाएं और शराबबंदी के नाम पर जारी खुलेआम धंधे से होने वाली मौतों पर करारा कटाक्ष किया गया।
इस मौके पर आभा रानी ने कहा कि “यह नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बिहार के लोगों की सच्चाई को दिखाने का माध्यम है। सरकार कहती है बिहार में विकास हुआ है, पर हकीकत में गांव-गांव में महिलाएं पानी, सड़क, रोजगार, स्कूल, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रही हैं। गरीबों और दलितों को उनका हक नहीं मिल रहा। यहां की सरकार को सत्ता में बने रहने का शौक है, लेकिन जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं।”
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि समाधान सिर्फ तेजस्वी यादव की सरकार ही दे सकती है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने वादा किया है कि उनकी सरकार बनते ही “माई बहन मान योजना” के तहत महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक मदद दी जाएगी ताकि घरों में सम्मान और स्थायित्व आ सके। युवाओं के लिए रोजगार, किसानों और मजदूरों के लिए संरक्षण और हर घर तक विकास पहुंचाने का संकल्प तेजस्वी यादव ने लिया है।
आभा रानी ने सभी लोगों से आह्वान किया कि आने वाले चुनाव में लालटेन छाप पर बटन दबाकर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाएं ताकि बिहार में सच्चा बदलाव आ सके। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई गरीबों, दलितों, महिलाओं और युवाओं की आवाज को ताकत देने की लड़ाई है। हम आपके साथ खड़े हैं और आपकी हर लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और ग्रामीण उपस्थित रहे और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बिहार में बदलाव की इस अलख को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।





