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Bihar News: सुपौल में अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति, सिर्फ 50 हजार का लगाया गया जुर्माना

SUPAUL: सुपौल में कुकुरमुत्ते की तरह संचालित हो रहे अवैध और फर्जी क्लिनीक पर लगाम लगाने का प्रयास कर रहे स्वास्थ्य विभाग ने जिले के त्रिवेणीगंज में संचालित एक अवैध फर्जी निजी

Bihar News: सुपौल में अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति, सिर्फ 50 हजार का लगाया गया जुर्माना
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

SUPAUL:  सुपौल में कुकुरमुत्ते की तरह संचालित हो रहे अवैध और फर्जी क्लिनीक पर लगाम लगाने का प्रयास कर रहे स्वास्थ्य विभाग ने जिले के त्रिवेणीगंज में संचालित एक अवैध फर्जी निजी क्लिनीक चाइल्ड केयर सेंटर के संचालक सह चिकित्सक डॉक्टर ललन कुमार यादव पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सुपौल में अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। 


16 दिसंबर 2024 को असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सुपौल द्वारा पत्रांक 3492 के माध्यम से एक पत्र जारी कर कहा है कि त्रिवेणीगंज में संचालित यदुवंशी चाइल्ड क्लिनिक के संचालक सह चिकित्सक डॉक्टर ललन कुमार यादव द्वारा अवैध रूप से निजी स्वास्थ्य संस्थान का संचालन किया जा रहा है जो क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 और 2013 के नियम के विरुद्ध है और जनहित के लिए उपयुक्त नहीं है।


नियमानुसार जो कोई बिना निबंधन के कोई संस्थान चलाएगा वह प्रथम अतिलंघन पर पर 50 हजार रुपए की आर्थिक शास्ति तथा दूसरे अतिलंघन पर 2 लाख रुपए की आर्थिक शास्ति एवं इसके बाद किसी अतिलंघन के लिए आर्थिक सस्ती पांच लाख रुपए तक बढ़ाई जा सकती है के दायी होंगे। इसी क्रम में जांच के दौरान पाया गया कि त्रिवेणीगंज ब्लॉक चौक स्थित यदुवंशी चाइल्ड क्लिनिक के संचालक सह चिकित्सक डॉक्टर ललन कुमार यादव सभी नियमों की अनदेखी कर अवैद्य रूप से संचालन किया जा रहा है।


 जिस पर कार्यवाई करते हुए इसके संचालक डॉक्टर ललन कुमार यादव पर 50 हजार रुपए का प्रथम अतिलंघन के आर्थिक शास्ति के रूप में 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है जिसे डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से डिस्ट्रिक रजिस्ट्रनिंग अथॉरिटी सुपौल के कार्यालय में अविलंब जमा करने को कहा गया है। बता दें कि त्रिवेणीगंज समेत पूरे जिले में कई ऐसे अवैद्य और फर्जी रूप से क्लिनिक का संचालन लगातार हो रहा है विभाग की सुस्ती और लीपापोती के कारण ऐसे अवैद्य स्वास्थ संस्थानों के संचालन पर रोक के बजाय इसमें और इजाफा ही हो रहा है.


 आए दिन बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे अवैद्य क्लिनिक,हॉस्पिटल और नर्सिंग होम का खुलना और खुलेआम संचालन होना स्वास्थ्य विभाग की उदासीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है इन अवैद्य क्लिनिक,हॉस्पिटल और नर्सिंग होम के संचालक और चिकित्सक भोले भाले मरीज़ और उनके परिजनों का आर्थिक,शारीरिक और मानसिक सभी प्रकार का दोहन शोषण करने से तनिक भी परहेज नहीं करते हैं जिले के त्रिवेणीगंज ब्लॉक चौक स्थित यदुवंशी चाइल्ड क्लिनिक के संचालक सह चिकित्सक डॉक्टर ललन कुमार यादव पर इस तरह की कार्रवाई होने के बाद अब आमलोगों के बीच चर्चा आम हो गई है कि मासूम ननिहाल बच्चों के जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इस तरह के संचालित अवैध क्लिनिक पर विभाग द्वारा सिर्फ जुर्माना लगाना कार्रवाई के नाम विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति की गई है।

सुपौल से संत सरोज की रिपोर्ट

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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