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Bihar Expressway: बिहार के इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रक्रिया तेज, जल्द शुरू होगा जमीन अधिग्रहण का काम

केंद्र सरकार ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे निर्माण को अंतिम मंजूरी दे दी है. जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. यह 550 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे बिहार के आठ जिलों से होकर गुजरेगा और रोजगार एवं आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित करेगा।

Bihar Expressway
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Expressway: केंद्र सरकार ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे निर्माण को अंतिम रूप दे दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बिहार के बेतिया जिले के बैरिया और नौतन प्रखंडों में 187.23 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


550 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे 37,500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और बिहार के आठ जिलों—पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज—से होकर गुजरेगा। इसके बनने से क्षेत्र में सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।


जिले से होकर गुजरने वाली छह लेन सड़क के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने अंतिम मंजूरी दी है। इसके साथ ही भू-अर्जन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बैरिया और नौतन प्रखंड में से 7-7 मौजों को शामिल किया जाएगा और खेसरा चिह्नित करने का कार्य जल्द शुरू होगा। जिले के भू-अर्जन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के लिए कुल 187.23 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी।


यह सुपर स्ट्रक्चर शहरी आबादी से अलग होकर गुजरेगा, जिससे भूमि अधिग्रहण में किसी भी प्रकार की परेशानी की संभावना कम होगी। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर और आर्थिक विकास के अवसर सृजित होंगे। छोटे-बड़े व्यापार में वृद्धि, निवेश के अवसर और परिवहन-सुविधाओं में सुधार से राज्यों के बीच व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।


इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा विकसित औद्योगिक कोरिडोर इस क्षेत्र के विकास और रोजगार को नई गति देगा। इस परियोजना से जुड़े कुल 39 प्रखंड और 313 गांवों को लाभ पहुंचेगा। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे की यह परियोजना बिहार के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है और इसे देश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल किया गया है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता