PATNA: बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में पुलिस प्रशासन और जेल विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की संविदा अवधि बढ़ाने, जेलों में कार्यरत पूर्व सैनिक कक्षपालों का मानदेय बढ़ाने तथा महिला पुलिसकर्मियों के लिए स्कूटर खरीदने सहित कई अहम फैसले लिए गए।
STF के सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ा
मंत्रिपरिषद ने विशेष कार्य बल (STF), बिहार, पटना के सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक रामाकान्त प्रसाद की संविदा आधारित पुनर्नियुक्ति अवधि को 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक, यानी एक वर्ष के लिए भूतलक्षी प्रभाव (Retrospective Effect) से बढ़ाने की स्वीकृति दी है। रामाकान्त प्रसाद 30 जून 2024 को सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे।
पूर्व सैनिक कक्षपालों का मानदेय बढ़ा
राज्य की विभिन्न जेलों में अनुबंध के आधार पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिक-सह-कक्षपालों के मासिक मानदेय में भी वृद्धि की गई है। अब उन्हें 19,800 रुपये के स्थान पर 30,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। इस निर्णय से राज्य की जेलों में कार्यरत अनुबंधित पूर्व सैनिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
महिला पुलिस के लिए 1500 स्कूटर खरीदने की मंजूरी
महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने महिला पुलिसकर्मियों (पुलिस दीदी) के लिए 1500 स्कूटर खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 के तहत इनमें 1000 पेट्रोल स्कूटर और 500 इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल होंगे।
पुलिस कर्मियों को मिलेंगी 3200 मोटरसाइकिल
मंत्रिपरिषद ने पूर्व स्वीकृत योजना के तहत पुलिस बल के लिए 3200 मोटरसाइकिलों की व्यवस्था को भी बरकरार रखा है। इन वाहनों का उपयोग विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और शहरी क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज तथा कोचिंग संस्थानों के आसपास छात्राओं एवं महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।





