GOPALGANJ: कुछ घंटों की बारिश ने गोपालगंज नगर परिषद के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत बनकर आई बारिश ने एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। बारिश के चलते सड़कों पर जलजमाव की स्थिति देखने को मिल रही है। जिससे जनजीवन बूरी तरह प्रभावित हुआ है। इन सड़कों पर लोगों का चलना मुश्किल हो गया है।
जलजमाव की स्थिति सिर्फ सड़कों पर नहीं देखने को मिल रही है, बल्कि जिले के सबसे बड़े सदर अस्पताल की भी हालत खराब है। अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भर गया है। इमरजेंसी वार्ड तक जाने वाले रास्तों पर जलजमाव के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर को पानी के बीच से ले जाना तीमारदारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अस्पताल परिसर में भरे गंदे पानी से आवागमन बाधित हो गया है।
जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में व्याप्त जलजमाव से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वही शहर के कई निचले इलाकों और गली-मोहल्लों में भी पानी ही पानी नजर आ रहा है। जलजमाव की वजह से सड़कों और गलियों में चलना मुश्किल हो गया है। कई जगह तो नाली का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दुर्गंध और गंदगी के बीच लोग आवाजाही कर रहे हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले छोटे से लेकर बड़े नालों की सफाई की जाती है।
इस पर करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं लेकिन इसके बावजूद इसकी जमीनी हकीकत क्या है यह किसी से नहीं छिपी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये गये लेकिन सच्चाई यह है कि आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। थोड़ी सी बारिश होने पर पूरे शहर में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिससे व्यवसायियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वही स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्गों को भी भारी परेशानी हो रही है। स्कूल से घर लौटने के दौरान बच्चों का जूता पानी में भींग जाने से बच्चे बीमार पड़ जा रहे हैं।
लोगों को ऑफिस जाने में भी परेशानी हो रही है। गोपालगंज में जलजमाव के कारण कई जगहों पर चलना भी मुश्किल हो गया है। अस्पताल में मरीजों को जाने में भी दिक्कत हो रही है। लोगों का कहना है कि जब बरसात का मौसम आएगा तब इस जिले की क्या स्थिति होगी इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। कुछ घंटे की बारिश से शहर का यह हाल हो गया है। इस दो घंटे की बारिश से यदि प्रशासन सीख नहीं लेती है, तो आने वाले बरसात में स्थिति और भयावह हो सकती है।






