ब्रेकिंग
2029 में भी चौथी बार बनेगी मोदी सरकार, हाजीपुर में चिराग पासवान ने किया दावा मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा स्थगित नहीं, 17 जून को तय कार्यक्रम के अनुसार होगी परीक्षाजमुई में सांसद अरुण भारती के सामने बोलीं महिला, 'आंख मत मारिए, एक-एक पोल खोल दूंगी'बिहार में बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ RJD का महाधरना, 17 जून को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शनBihar IAS Officers: बिहार प्रशासनिक सेवा के 14 अफसर बने IAS...सरकार ने जारी की अधिसूचना, लिस्ट देखें...2029 में भी चौथी बार बनेगी मोदी सरकार, हाजीपुर में चिराग पासवान ने किया दावा मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा स्थगित नहीं, 17 जून को तय कार्यक्रम के अनुसार होगी परीक्षाजमुई में सांसद अरुण भारती के सामने बोलीं महिला, 'आंख मत मारिए, एक-एक पोल खोल दूंगी'बिहार में बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ RJD का महाधरना, 17 जून को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शनBihar IAS Officers: बिहार प्रशासनिक सेवा के 14 अफसर बने IAS...सरकार ने जारी की अधिसूचना, लिस्ट देखें...

बिहार में अब नहीं बजेंगे अश्लील-भड़काऊ और जातिसूचक गाने, गृह विभाग को भेजा गया पत्र

बिहार सरकार अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गानों के प्रसारण पर सख्ती करने की तैयारी में है। कला एवं संस्कृति विभाग ने गृह विभाग को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्थलों, शादी समारोहों और सामाजिक आयोजनों में ऐसे गानों पर रोक लगाने की मांग की है।

बिहार न्यूज
शादी-ब्याह और आयोजनों में अब होगी सख्ती
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: बिहार सरकार ने सार्वजनिक स्थानों, शादी समारोहों और सामाजिक आयोजनों में बजने वाले अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गानों पर सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है। कला एवं संस्कृति विभाग ने गृह विभाग को पत्र लिखकर ऐसे गानों के प्रसारण पर प्रभावी रोक लगाने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।


बिहार में अश्लील, दोहरे अर्थ वाले और जातिसूचक गानों पर सख्ती की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग ने इस संबंध में गृह विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। सरकार के सचिव प्रणव कुमार ने राज्य में सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील, द्वि-अर्थी एवं जातिसूचक गानों के प्रसारण पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की बात कही है।


 गृह विभाग को लिखे गये पत्र में यह कहा गया है कि राज्य के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, आयोजनों, बाजारों, वाहनों, विवाह समारोहों एवं अन्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील, द्वि-अर्थी एवं जातिसूचक भावनाओं को भड़काने वाले गाने खुलेआम बजाये जाने के कारण समाज में आपसी भाईचारा एवं सौहार्द के बदले अश्लीलता, हिंसक घटनाएँ, आपसी द्वेष, वैमनस्य, कटुता एवं अशांति बढ़ रही है। इन गानों के प्रसारण से समाज में आम लोग असहज महसूस करते है, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों के प्रति नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक वातावरण दूषित हो रहा है।


बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा एवं लोक भाषाओं की गरिमा को बनाये रखना अत्यंत आवश्यक है। अश्लील एवं द्वि-अर्थी गाने न केवल सामाजिक मूल्यों के विरूद्ध है, बल्कि सार्वजनिक शिष्टाचार एवं कानून व्यवस्था के दृष्टि से भी अनुचित है। यह एक गंभीर व ज्वलंत सामाजिक समस्या है, जो महिलाओं, बच्चों एवं संपूर्ण समाज को बुरी तरह दुष्प्रभावित कर रहा है। राज्य में अश्लील, द्वि-अर्थी एवं जातिसूचक भावनाओं को भड़काने वाले गानों के प्रसारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। 

टैग्स