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13 साल तक फर्जी डिग्री से करती रहीं सरकारी नौकरी, जांच हुई तो खुल गई पूरी पोल, गोपालगंज में दो शिक्षिकाओं पर केस दर्ज

Bihar News: गोपालगंज जिले में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। हथुआ थाना क्षेत्र में दो शिक्षिकाओं पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर वर्षों तक सरकारी नौकरी करने का आरोप लगा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई जांच..

13 साल तक फर्जी डिग्री से करती रहीं सरकारी नौकरी, जांच हुई तो खुल गई पूरी पोल, गोपालगंज में दो शिक्षिकाओं पर केस दर्ज
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के गोपालगंज जिले से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। हथुआ थाना क्षेत्र में दो शिक्षिकाओं पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि दोनों करीब 13 वर्षों से सरकारी स्कूलों में नौकरी कर रही थीं। अब हाईकोर्ट के आदेश पर हुई जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

जानकारी के मुताबिक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को काफी समय से दोनों शिक्षिकाओं के प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। मामला कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद माननीय हाईकोर्ट ने जांच कराने का निर्देश दिया। इसके बाद निगरानी विभाग ने दोनों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान कई अहम गड़बड़ियां सामने आईं। दस्तावेजों का सत्यापन कराने पर प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।


जांच पूरी होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के उपाध्यक्ष सह सहायक जांचकर्ता आसिफ इकबाल मेहंदी ने हथुआ थाना में आवेदन देकर दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ केस दर्ज कराया। आवेदन में जांच से जुड़े कई दस्तावेज और साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं।


मामले में जिन दो शिक्षिकाओं को आरोपी बनाया गया है, उनमें मटिहानी माधव मध्य विद्यालय में कार्यरत अंजली कुमारी और पिपरा खास उत्क्रमित मध्य विद्यालय की शिक्षिका राखी सिंह शामिल हैं। बताया जाता है कि अंजली कुमारी सिवान जिले के बरईपट्टी गांव निवासी ददन सिंह की पुत्री हैं, जबकि राखी सिंह सिवान जिले के ओरमा गांव निवासी विष्णु किशोर सिंह की बेटी हैं।


सूत्रों के अनुसार, दोनों वर्ष 2013 से शिक्षक पद पर कार्यरत थीं। इतने लंबे समय तक नौकरी करने के बावजूद प्रमाण पत्रों की सही तरीके से जांच नहीं होना अब बड़ा सवाल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच होती तो यह मामला पहले ही सामने आ सकता था।


इधर, केस दर्ज होने की जानकारी मिलते ही दोनों शिक्षिकाएं स्कूल छोड़कर फरार बताई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि कार्रवाई की भनक लगते ही वे अपने-अपने विद्यालय से गायब हो गईं। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।