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कलयुग में मिला बिहारी श्रवण कुमार, कांवड़ में मात-पिता को लेकर पहुंचा यज्ञ दिखाने

GAYA: आज जहां लोग अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम पहुंचा रहे हैं. वहीं गया में एक बेटा मां-बाप की सेवा के लिए अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं. ये श्रवण कुमार की तरह बेटा अपने माता-पिता को

कलयुग में मिला बिहारी श्रवण कुमार, कांवड़ में मात-पिता को लेकर पहुंचा यज्ञ दिखाने
Tejpratap
Tejpratap
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GAYA: आज जहां लोग अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम पहुंचा रहे हैं. वहीं गया में एक बेटा मां-बाप की सेवा के लिए अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं. ये श्रवण कुमार की तरह बेटा अपने माता-पिता को कंधों पर बैठाकर तीन किमी दूर यज्ञ स्थल पर ले गया.


आप को बता दें, गया में एक बेटा मां-बाप को कांवड़ में बिठाकर तीन किमी दूर यज्ञ स्थल पर ले गया. इसकी की चर्चा क्षेत्र में हर तरफ हो रही है. जानकारी के अनुसार गुरुआ प्रखंड की चिलोरा पंचायत के ढिबरा गांव में शुक्रवार दोपहर कुडीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत हुई है. इस मौके पर अलग-अलग गांवों से लोग पहुंचे और मोरहर नदी से जल भरकर यज्ञ स्थल पहुंच रहे थे. 


वहीं गया के रविचंद्र चक्रधारी भी अपने मां-बाप के साथ नदी के तट पर पहुंचे. नदी से जल भर कर जब मां-बाप के हाथ में लोटा थमाकर उन्हें कांवड़ में बैठाया तो लोग यह दृश्य देख भावुक  हो गए.


इस सतयुग के श्रवण कुमार की तरह रविचंद्र चक्रधारी अपने मां-बाप को कांवड़ में बैठा कर यज्ञ स्थल लाए जाने की सूचना क्षेत्र में तेजी से फैल गई. इसके बाद हर कोई इसी पर चर्चा करते दिख रहा है. वहीं, कांवड़ पर बैठा कर लाने वाले रविचंद्र भी बहुत खुश दिख रहे है.


आपको बता दें शुक्रवार को शुरू हुए महायज्ञ का भक्तों ने ही उद्घाटन किया. इस यज्ञ ले लिए इस्तेमाल होने वाला पानी भक्त मोरहर नदी से लेकर आ रहे थे. वहीं पूरी तैयारी के साथ अपने मां-बाप के साथ रविचंद्र चक्रधारी नदी के तट पर पहुंचे. वहां से जल लेकर अपने मां-बाप को कांवड़ पर बैठाया और तीन किमी की दूरी तय करते हुए यज्ञ स्थल पर पहुंच गए. इस दौरान काफी भीड़ लग गई. कांवड़ में बैठे युवक के माता-पिता लोटे में पानी ले कर बड़े गर्व के साथ बैठे थे.





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